पुलिस की कथित मिलीभगत से दिन-रात गुजर रहे भारी ट्रक और डंपर, सुविधा शुल्क लेकर वाहनों को पार कराने का आरोप
चंदौली। बलुआ पुल से ओवरलोड ट्रकों और डंपरों की बेरोकटोक आवाजाही ने पुल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्धारित भार क्षमता से अधिक वजन लादकर भारी वाहन दिन-रात पुल पार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की कथित मिलीभगत से इन वाहनों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी सुविधा शुल्क लेकर ओवरलोड वाहनों को पुल पार करा रहे हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह निगरानी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही के साथ आमजन की सुरक्षा से भी जुड़ा मामला है।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बलुआ पुल पर निर्धारित भार क्षमता से अधिक वजन वाले वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भारी ट्रक और डंपर लगातार पुल से गुजर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात जारी इस आवाजाही पर जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे पुल से होकर गुजरने वाले राहगीरों और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि लगातार ओवरलोड वाहनों के गुजरने से पुल की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो पुल को नुकसान पहुंचने के साथ किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि पुल की सुरक्षा से जुड़े मामले में किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और पुलिसकर्मियों पर लगे सुविधा शुल्क के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही पुल की तकनीकी जांच कराकर उसकी मौजूदा स्थिति का आकलन करने और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की अपील की है। अब प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।





















