राहुल गांधी को सुल्तानपुर कोर्ट से राहत, निगरानी याचिका खारिज; 18 जुलाई को होगी मानहानि मामले की सुनवाई
सुल्तानपुर, 16 जुलाई। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को गृहमंत्री अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज राकेश यादव ने भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से दायर निगरानी (रिवीजन) याचिका खारिज कर दी और स्पेशल मजिस्ट्रेट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट अदालत में लंबित मानहानि मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में अंतिम बहस की कार्यवाही को रोकने का कोई औचित्य नहीं है। न्यायालय ने माना कि परिवादी की ओर से दायर निगरानी याचिका स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है। अब इस मामले में 18 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
यह मामला वर्ष 2018 में भाजपा नेता विजय मिश्र द्वारा दायर किया गया था। आरोप है कि राहुल गांधी ने अमित शाह के संबंध में विवादित टिप्पणी कर उनकी मानहानि की थी।
आवाज का नमूना लेने की मांग भी पहले हो चुकी थी खारिज
मुकदमे की सुनवाई के दौरान परिवादी ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर जांच कराने की मांग की थी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने 2 मई को यह अर्जी खारिज करते हुए जमानतनामा प्रस्तुत करने और अंतिम बहस आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए विजय मिश्र ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की थी, जिसे बुधवार को स्पेशल जज ने निरस्त कर दिया।
इस फैसले के साथ राहुल गांधी को लगातार दूसरी अदालत से राहत मिली है, जबकि परिवादी पक्ष को कानूनी झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 18 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं
राहुल गांधी को सुल्तानपुर कोर्ट से राहत







