नीट अभ्यर्थियों की रिहाई, मुकदमे वापस लेने और ट्रेड डील रद्द करने की उठाई मांग
विनोद कुमार सिंह अंशु
बाराबंकी। संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर मंगलवार को विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गन्ना कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। इसके बाद राज्यपाल के माध्यम से जिलाधिकारी बाराबंकी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा गया।
ज्ञापन सौंपने वालों में आजाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव, भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) के जिलाध्यक्ष विक्रांत सैनी, भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के प्रदेश सचिव एवं जिलाध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी तथा भारतीय किसान यूनियन आजाद भगत सिंह के प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव सहित संयुक्त मोर्चे से जुड़े अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं घायल हुए तथा अनेक छात्रों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त मोर्चे ने मांग की कि गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं तथा पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाने और उनके इस्तीफे की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई।
ज्ञापन में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को किसान हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई। संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार छात्रों, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले तथा किसी भी नीति या समझौते से किसानों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़ने दिया जाए।







