फरारी के दौरान लगातार बदलती रही ठिकाने; वीडियो जारी कर देती रही सफाई
लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई। लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस की मदद से 20 अक्तूबर को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार कर लिया। तीनों इस मामले में फरार चल रहे थे और पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया था। आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ लाया जा रहा है।
श्रद्धा की गिरफ्तारी तक पहुंचने के लिए पुलिस को कई स्थानों पर तलाश करनी पड़ी। जांच के दौरान उसकी गाड़ी बहराइच के रुपईडीहा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद उसके नेपाल से लखनऊ आने और फिर आगरा की ओर जाने की जानकारी सामने आई। फरारी के दौरान श्रद्धा लगातार अपनी लोकेशन बदलती रही। इस बीच उसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष भी रखा, जिससे मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा।
नेपाल से आगरा तक तलाश, वीडियो से देती रही जवाब
शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर हो गई थी। शुरुआती जांच में उसके नेपाल जाने और वहां से वापस लौटने से जुड़े सुराग मिले। नेपाल में उसके देखे जाने के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसके बाद उसके लखनऊ पहुंचने और फिर आगरा जाने की जानकारी मिली।
पुलिस से बचने के दौरान श्रद्धा ने दो वीडियो बयान जारी कर अपना पक्ष रखने की कोशिश की। दूसरी ओर, पुलिस उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता लगाने में जुटी रही। मामले में लगातार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने उसकी तलाश तेज की और एसटीएफ को भी जांच में शामिल किया।
तीन आरोपियों पर घोषित था इनाम
इस मामले में श्रद्धा दुबे के अलावा उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश भी फरार चल रहे थे। पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था। शुरुआती खबरों में श्रद्धा पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी सामने आई थी, जबकि बाद में पुलिस की ओर से तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने का उल्लेख किया गया।
लगातार तलाश के बाद लखनऊ पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम नागपुर पहुंची। नागपुर पुलिस के सहयोग से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों, फरारी के दौरान मिली मदद और संभावित अन्य संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाएगी।
पुलिस अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी में देरी और मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस महकमे पर भी दबाव बढ़ा था। शासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया, जबकि एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा का भी तबादला कर दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद मामले की जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। एसटीएफ को जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद संयुक्त टीम ने दूसरे राज्यों में भी तलाश तेज की और आखिरकार नागपुर में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
नौ अक्तूबर को हुई थी शिवा शर्मा की मौत
यह मामला लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कारोबारी शिवा शर्मा की नौ अक्तूबर 2026 की रात श्रद्धा दुबे के फ्लैट में मौत हो गई थी। इसके बाद 10 अक्तूबर को शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और दो अज्ञात लोगों के नाम शामिल किए गए थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
शिवा की मौत के बाद से ही तीनों नामजद आरोपी फरार थे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी और मामले की जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों से सुराग जुटाए जा रहे थे। अब तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस घटना की परिस्थितियों और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।
रायबरेली में परिजनों से भी की गई थी पूछताछ
श्रद्धा दुबे की तलाश के दौरान लखनऊ पुलिस की एक टीम रायबरेली स्थित उसके घर रामजीपुरम भी पहुंची थी। सोमवार को टीम ने उसके पिता एसपी दुबे और सौतेली मां से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की थी।
पुलिस ने परिजनों से श्रद्धा के घर आने-जाने, उसके संपर्कों और उससे आखिरी बार हुई बातचीत के बारे में जानकारी जुटाई। इसके अलावा आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही थी कि फरारी के दौरान श्रद्धा किन लोगों के संपर्क में रही और उसे कहीं से मदद तो नहीं मिली।
नागपुर में गिरफ्तारी के बाद अब जांच का अगला चरण आरोपियों से पूछताछ और घटना से जुड़े साक्ष्यों का सत्यापन होगा। पुलिस के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को लखनऊ लाया जा रहा है। मामले में मौत की परिस्थितियों और आरोपियों की कथित भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।





















