श्रावस्ती: जिले में आपदा प्रबंधन को लेकर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर और आशा संगिनियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। यूनीसेफ के सहयोग से आयोजित इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रतिभागियों को बाढ़ समेत विभिन्न आपदाओं के दौरान उनकी भूमिका, सुरक्षा उपायों और जोखिम को कम करने के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी (CDO) शाहिद अहमद ने किया। इस दौरान उन्होंने आपदा की स्थिति में समुदाय स्तर पर त्वरित और प्रभावी सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
आपदा के दौरान जिम्मेदारियों की दी गई जानकारी
कार्यशाला में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर और आशा संगिनियों को बाढ़, जलभराव और अन्य आपदाओं के दौरान आम लोगों की मदद करने, जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने के बारे में प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।
जोखिम कम करने और तैयारी पर जोर
पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रतिभागियों को आपदा से पहले तैयारी, आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा के बाद राहत एवं सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करने और आपदा के जोखिम को कम करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य एवं बाल विकास से जुड़े जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करना है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में वे प्रशासन और समुदाय के बीच प्रभावी कड़ी के रूप में काम कर सकें। यूनीसेफ के सहयोग से आयोजित इस पहल को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में समुदाय की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






















