सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र के डोमापुर बाजार में मकान पर कब्जेदारी को लेकर करीब 15 साल पहले हुई हत्या के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश-3 की अदालत ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए प्रत्येक दोषी पर 1 लाख 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सजा पाने वालों में ओमप्रकाश पुत्र रामदयाल वर्मा, उमेश कुमार पुत्र ओमप्रकाश वर्मा, दीपक वर्मा, प्रदीप वर्मा पुत्रगण राजमनि वर्मा निवासी गडौरा, डोमापुर और छोटे लाल निषाद पुत्र तुलसी प्रसाद निवासी शाहपुर, डोमापुर शामिल हैं। मामला अखंडनगर थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 478/2011 से संबंधित है। आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, देवरी निवासी अनिल कुमार वर्मा ने 25 जुलाई 2011 को मामले की तहरीर दी थी। आरोप था कि मकान पर कब्जेदारी के विवाद में आरोपियों ने उनके जीजा अखिलेश कुमार वर्मा को जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। तत्कालीन थानाध्यक्ष दीपचन्द्र ने मामले की विवेचना की और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ 4 सितंबर 2011 को आरोपपत्र न्यायालय भेजा था।
करीब 15 साल तक चले मुकदमे में सुल्तानपुर पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने प्रभावी पैरवी की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में हुई पैरवी के बाद अदालत ने पांचों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और प्रत्येक पर 1.12 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस ने इस कार्रवाई को पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है।





















