अमृत उजाला
रविवार, जून 21, 2026 13:41
Sign In
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
        • लखनऊ
        • आगरा
        • कानपुर
        • अलीगढ
        • वाराणसी
        • मथुरा
        • प्रयागराज
        • मेरठ
        • गोरखपुर
        • बरेली
        • नोएडा
        • अयोध्या
        • गाजियाबाद
        • मुरादाबाद
        • View All Cities
          • आगरा
          • अलीगढ
          • अम्बेडकर नगर
          • अमेठी
          • अमरोहा
          • औरैया
          • अयोध्या
          • आज़मगढ़
          • बागपत
          • बहराइच
          • बलिया
          • बलरामपुर
          • बांदा
          • बाराबंकी
          • बरेली
          • बस्ती
          • भदोही
          • बिजनौर
          • बदायूं
          • बुलंदशहर
          • चंदौली
          • चित्रकूट
          • देवरिया
          • एटा
          • इटावा
          • फर्रुखाबाद
          • फतेहपुर
          • फिरोजाबाद
          • गाजियाबाद
          • ग़ाज़ीपुर
          • गोंडा
          • गोरखपुर
          • हमीरपुर
          • हापुड़
          • हरदोई
          • हाथरस
          • जालौन
          • जौनपुर
          • झांसी
          • कन्नौज
          • कानपुर
          • कासगंज
          • कौशाम्बी
          • खेरी
          • कुशीनगर
          • ललितपुर
          • लखनऊ
          • महाराजगंज
          • महोबा
          • मैनपुरी
          • मथुरा
          • मऊ
          • मेरठ
          • मिर्जापुर
          • मुरादाबाद
          • मुज़फ्फरनगर
          • नोएडा
          • पीलीभीत
          • प्रतापगढ़
          • प्रयागराज
          • रायबरेली
          • रामपुर
          • सहारनपुर
          • सम्भल
          • संत कबीर नगर
          • शाहजहांपुर
          • शामली
          • श्रावस्ती
          • सिद्धार्थनगर
          • सीतापुर
          • सोनभद्र
          • सुल्तानपुर
          • उन्नाव
          • वाराणसी
        • Hide All Cities
  • देश
  • राजनीति
  • स्पॉटलाइट
  • खेल
  • विदेश
  • क्राइम
  • हैल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म
  • बिज़नेस
  • मौसम
  • टेक्नोलॉजी
Notification
Font ResizerAa
Advertisement
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
    • लखनऊ
    • कानपुर
    • वाराणसी
    • प्रयागराज
    • गोरखपुर
    • नोएडा
    • गाजियाबाद
    • आगरा
    • अलीगढ
    • मथुरा
    • मेरठ
    • बरेली
    • अयोध्या
    • मुरादाबाद
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • स्पॉटलाइट
  • राजनीति
  • क्राइम
  • हैल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म
  • बिज़नेस
  • मौसम
  • टेक्नोलॉजी
अमृत उजाला
रविवार, जून 21, 2026 13:41
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
    • लखनऊ
    • कानपुर
    • वाराणसी
    • प्रयागराज
    • गोरखपुर
    • नोएडा
    • गाजियाबाद
    • आगरा
    • अलीगढ
    • मथुरा
    • मेरठ
    • बरेली
    • अयोध्या
    • मुरादाबाद
    • आज़मगढ़
    • अम्बेडकर नगर
    • अमेठी
    • अमरोहा
    • औरैया
    • बागपत
    • बहराइच
    • बलिया
    • बलरामपुर
    • बांदा
    • बाराबंकी
    • बस्ती
    • भदोही
    • बिजनौर
    • बदायूं
    • बुलंदशहर
    • चंदौली
    • चित्रकूट
    • देवरिया
    • एटा
    • इटावा
    • फर्रुखाबाद
    • फतेहपुर
    • फिरोजाबाद
    • गौतम बुद्ध नगर
    • ग़ाज़ीपुर
    • गोंडा
    • हमीरपुर
    • हापुड़
    • हरदोई
    • हाथरस
    • जालौन
    • जौनपुर
    • झांसी
    • कन्नौज
    • कासगंज
    • कौशाम्बी
    • खेरी
    • कुशीनगर
    • ललितपुर
    • महाराजगंज
    • महोबा
    • मैनपुरी
    • मऊ
    • मिर्जापुर
    • मुज़फ्फरनगर
    • पीलीभीत
    • प्रतापगढ़
    • रायबरेली
    • रामपुर
    • सहारनपुर
    • सम्भल
    • संत कबीर नगर
    • शाहजहांपुर
    • शामली
    • श्रावस्ती
    • सिद्धार्थनगर
    • सीतापुर
    • सोनभद्र
    • सुल्तानपुर
    • उन्नाव
  • देश
  • राजनीति
  • स्पॉटलाइट
  • खेल
  • विदेश
  • क्राइम
  • हैल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म
  • बिज़नेस
  • मौसम
  • टेक्नोलॉजी
Reading: प्राकृतिक खेती ही सुरक्षित : कामेश्वर सिंह
Share
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
        • लखनऊ
        • आगरा
        • कानपुर
        • अलीगढ
        • वाराणसी
        • मथुरा
        • प्रयागराज
        • मेरठ
        • गोरखपुर
        • बरेली
        • नोएडा
        • अयोध्या
        • गाजियाबाद
        • मुरादाबाद
        • View All Cities
          • आगरा
          • अलीगढ
          • अम्बेडकर नगर
          • अमेठी
          • अमरोहा
          • औरैया
          • अयोध्या
          • आज़मगढ़
          • बागपत
          • बहराइच
          • बलिया
          • बलरामपुर
          • बांदा
          • बाराबंकी
          • बरेली
          • बस्ती
          • भदोही
          • बिजनौर
          • बदायूं
          • बुलंदशहर
          • चंदौली
          • चित्रकूट
          • देवरिया
          • एटा
          • इटावा
          • फर्रुखाबाद
          • फतेहपुर
          • फिरोजाबाद
          • गाजियाबाद
          • ग़ाज़ीपुर
          • गोंडा
          • गोरखपुर
          • हमीरपुर
          • हापुड़
          • हरदोई
          • हाथरस
          • जालौन
          • जौनपुर
          • झांसी
          • कन्नौज
          • कानपुर
          • कासगंज
          • कौशाम्बी
          • खेरी
          • कुशीनगर
          • ललितपुर
          • लखनऊ
          • महाराजगंज
          • महोबा
          • मैनपुरी
          • मथुरा
          • मऊ
          • मेरठ
          • मिर्जापुर
          • मुरादाबाद
          • मुज़फ्फरनगर
          • नोएडा
          • पीलीभीत
          • प्रतापगढ़
          • प्रयागराज
          • रायबरेली
          • रामपुर
          • सहारनपुर
          • सम्भल
          • संत कबीर नगर
          • शाहजहांपुर
          • शामली
          • श्रावस्ती
          • सिद्धार्थनगर
          • सीतापुर
          • सोनभद्र
          • सुल्तानपुर
          • उन्नाव
          • वाराणसी
        • Hide All Cities
  • देश
  • राजनीति
  • स्पॉटलाइट
  • खेल
  • विदेश
  • क्राइम
  • हैल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म
  • बिज़नेस
  • मौसम
  • टेक्नोलॉजी
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024. All Rights Reserved.
अमृत उजाला > उत्तर प्रदेश > कुशीनगर > प्राकृतिक खेती ही सुरक्षित : कामेश्वर सिंह
कुशीनगर

प्राकृतिक खेती ही सुरक्षित : कामेश्वर सिंह

amritujala
Last updated: जून 20, 2026 6:16 अपराह्न
amritujala 19 घंटे पहले
Share
प्राकृतिक खेती ही सुरक्षित : कामेश्वर सिंह
प्राकृतिक खेती ही सुरक्षित : कामेश्वर सिंह
SHARE

भाजपा किसान मोर्चा की कार्यशाला में प्राकृतिक कृषि को बताया समय की जरूरत, रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों पर हुई चर्चा

कुशीनगर। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे “बारह साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के” अभियान के तहत जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को पडरौना स्थित एक होटल में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा ‘प्राकृतिक खेती’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें किसानों को टिकाऊ कृषि, मिट्टी संरक्षण और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने की। मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह और कुशीनगर के सांसद विजय कुमार दूबे उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने प्राकृतिक खेती को कृषि क्षेत्र के भविष्य से जोड़ते हुए किसानों से इसे अपनाने का आह्वान किया।

प्राकृतिक खेती किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए लाभकारी

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने कहा कि बदलते समय में प्राकृतिक खेती केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग ने खेती की लागत बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती में गोबर, गोमूत्र, जीवामृत, बीजामृत, मल्चिंग और अन्य जैविक तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। उनका कहना था कि प्राकृतिक खेती किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकती है।

मिट्टी और स्वास्थ्य दोनों के लिए चुनौती बनी रासायनिक खेती

सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि अधिक उत्पादन की होड़ में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग कृषि भूमि की सेहत को प्रभावित कर रहा है। इसका असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य श्रृंखला के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि और सुरक्षित खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित करनी है तो किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किए गए प्रयासों और किसान हितैषी योजनाओं का भी उल्लेख किया।

कम लागत, बेहतर उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण

भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मददगार साबित होती है। इससे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलता है और पर्यावरणीय संतुलन भी सुरक्षित रहता है।

कार्यशाला में किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हरिशंकर राय ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह कई वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उनके अनुसार इस पद्धति से उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर हुई है और खेती की लागत में भी कमी आई है।

कृषि के भविष्य पर केंद्रित रही चर्चा

कार्यशाला में उपस्थित किसानों और कार्यकर्ताओं ने प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने मिट्टी की सेहत, जल संरक्षण, जैव विविधता और टिकाऊ कृषि मॉडल पर भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती कृषि लागत के दौर में प्राकृतिक खेती किसानों को एक स्थायी और सुरक्षित विकल्प प्रदान कर सकती है।

कार्यक्रम में सदर विधायक मनीष जायसवाल, खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय, हाटा विधायक मोहन वर्मा, फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय राय, सुदर्शन पाल, महामंत्री विवेकानंद शुक्ला, राम गोपाल गुप्ता, जिला मंत्री धनंजय राय, विश्वरंजन आनंद, जिला मीडिया प्रभारी अमित राय, शत्रुघ्न शाही, नगर मंडल अध्यक्ष भुवनेश्वर त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष दिनेश राय सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्राकृतिक खेती क्यों महत्वपूर्ण?

  • मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।
  • रासायनिक लागत कम होने से किसानों का खर्च घटता है।
  • पर्यावरण और जल स्रोतों पर दुष्प्रभाव कम पड़ता है।
  • उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत सुरक्षित और पोषक खाद्य पदार्थ मिलते हैं।
  • कृषि को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाने में मदद मिलती है।

प्राकृतिक खेती को लेकर बढ़ती जागरूकता यह संकेत देती है कि भारतीय कृषि धीरे-धीरे ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रही है, जहां उत्पादन के साथ-साथ स्वास्थ्य, पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों के हितों को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

You Might Also Like

कुशीनगर : TET की अनिवार्यता के खिलाफ सड़कों पर उतरे शिक्षक

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Threads Email Print
Previous Article थर्ड डिग्री और रिश्वतखोरी के आरोपों पर अदालत सख्त
Next Article यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा: उत्तर कुंजी और प्रश्न पत्र जारी यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा: उत्तर कुंजी और प्रश्न पत्र जारी

ताजा खबरें

ओमप्रकाश राजभर- संसद सत्र में सपा विधायकों के टूटने का दावा

1 घंटा पहले

पितृ-महिमा: वेद से कलयुग तक सनातन संस्कार की अटूट धारा

1 घंटा पहले

थर्ड डिग्री और रिश्वतखोरी के आरोपों पर अदालत सख्त

2 घंटे पहले

कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार

2 घंटे पहले

शूर्पणखा-रावण संवाद

2 घंटे पहले

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा: उत्तर कुंजी और प्रश्न पत्र जारी

2 घंटे पहले

प्राकृतिक खेती ही सुरक्षित : कामेश्वर सिंह

19 घंटे पहले

ई-रजिस्ट्री के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी

20 घंटे पहले

अयोध्या में खुला रामायण वैक्स म्यूजियम

20 घंटे पहले

‘फ्रेंड्स’ बनाने वाले निर्देशक जेम्स बरोज नहीं रहे

20 घंटे पहले
Advertisement

Get Connected with us on social networks

X-twitter Threads

Popular Categories

  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • स्पॉटलाइट
  • राजनीति
  • क्राइम
  • हैल्थ
  • एजुकेशन/करियर
  • धर्म
  • बिज़नेस
  • मौसम
  • टेक्नोलॉजी
Reading: प्राकृतिक खेती ही सुरक्षित : कामेश्वर सिंह
Share

Download APP

  • Advertise with us
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Disclaimer
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?