भारत पर 100% टैरिफ की धमकी के बीच फैसला; जेलेंस्की बोले- रूस युद्ध में लगाएगा पैसा
वॉशिंगटन। अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमतों में तेजी आई है और 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
इस फैसले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि रूस से डीजल खरीदने पर उसे आर्थिक फायदा होगा और वह इस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में कर सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि सितंबर में ट्रम्प ने ऐसे कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। ऐसे में रूस से अमेरिकी डीजल खरीद की अनुमति देने के फैसले ने ट्रम्प प्रशासन की रूस संबंधी नीति पर सवाल खड़े किए हैं।
ट्रम्प बोले- रूस भेजेगा लाखों टन डीजल
ट्रम्प के मुताबिक, रूस तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने आगे चलकर 30 लाख टन तक डीजल मिलने की संभावना भी जताई।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतें कम करना उनकी प्राथमिकता है। इससे खासकर अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों को राहत मिल सकती है।
अमेरिका में डीजल की कीमत करीब 6.28 डॉलर प्रति गैलन बताई गई है, जबकि ईरान युद्ध से पहले यह लगभग 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। कीमतों में इस बढ़ोतरी ने परिवहन और कृषि क्षेत्र की लागत बढ़ा दी है।
जेलेंस्की बोले- रूस को युद्ध जारी रखने में मिलेगी मदद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस समझौते से रूस को अतिरिक्त धन मिलेगा, जिससे वह युद्ध को लंबा खींच सकता है और यूक्रेन पर हमले तेज कर सकता है।
जेलेंस्की की चिंता है कि रूस को ऊर्जा कारोबार से होने वाली कमाई उसके सैन्य अभियानों को आर्थिक समर्थन दे सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन के वार्ताकार युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के फ्लोरिडा में अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे थे।
विशेषज्ञों को कीमतें घटने की उम्मीद कम
ऊर्जा विशेषज्ञ क्लेटन सीगल ने कहा कि रूस से डीजल खरीदने के इस फैसले से ईंधन की कीमतों पर बहुत ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, इससे रूस और पुतिन को आर्थिक लाभ मिल सकता है।
एक अन्य विशेषज्ञ माइकल लिंच ने भी कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना पर संदेह जताया। उनका तर्क है कि अमेरिका के रूस से डीजल खरीदने पर रूस के मौजूदा ग्राहक दूसरे देशों से ईंधन खरीद सकते हैं। ऐसे में वैश्विक बाजार में आपूर्ति और मांग का समीकरण बदल सकता है, लेकिन कीमतों में बड़ी राहत मिलना तय नहीं है।
ट्रम्प की घोषणा के बाद शुक्रवार को डीजल की कीमतों में गिरावट दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई। हालांकि, लंबे समय में कीमतों पर इस फैसले का कितना असर होगा, यह वैश्विक आपूर्ति और मांग पर निर्भर करेगा।
ईरान युद्ध खत्म होने पर तेल की कीमतें गिरने का दावा
ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है। शुक्रवार को न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने यह दावा किया।
ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही को लेकर भी बयान दिया और रिफाइनरियों तथा खुदरा विक्रेताओं से पेट्रोल-डीजल की कीमतें तत्काल कम करने को कहा। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
क्रेमलिन के मुताबिक, ट्रम्प ने ईरान युद्ध का समाधान निकालने के प्रयासों में रूस की भूमिका का स्वागत किया है। ऐसे में एक तरफ अमेरिका रूस से डीजल खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की उसकी नीति चर्चा में है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करना ट्रम्प प्रशासन के लिए अहम राजनीतिक मुद्दा बन गया है। हालांकि, रूस से डीजल खरीदने का फैसला अमेरिकी उपभोक्ताओं को कितनी राहत देगा और यूक्रेन युद्ध पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।





















