अनिल मिश्रा
मवई (अयोध्या)। साइबर क्राइम थाना और मवई थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन गेमिंग और ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी PLAYERS77.COM नामक वेबसाइट के माध्यम से लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के बैंक खातों में जमा 63 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी रुदौली एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई में बुधवार तड़के मवई चौराहे के पास हाईवे किनारे बस स्टॉप से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान अकील अहमद उर्फ उर्फी (27) निवासी बसौढ़ी, थाना पटरंगा (अयोध्या) तथा अमन खान (22) निवासी ककरहाबाद, थाना कोतवाली नगर (उन्नाव) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों फरार होने की फिराक में थे।
मवई में घर से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी अकील अहमद मवई चौराहे के पास अपने घर से फर्जी कॉल सेंटर संचालित करता था। यहां से व्हाट्सएप कॉल और सामान्य फोन कॉल के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन गेमिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया जाता था। निवेश करने के बाद जब पीड़ित अपनी रकम निकालने का प्रयास करते थे तो उनसे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और सर्विस चार्ज के नाम पर अतिरिक्त धन वसूला जाता था, लेकिन न तो निवेश की गई राशि लौटाई जाती थी और न ही कथित जीत की रकम का भुगतान किया जाता था।
11 हजार लोगों का डेटा बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक टैबलेट, चार्जर और डेटा केबल बरामद किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में करीब 11 हजार लोगों की गेमिंग आईडी, पासवर्ड, निवेश और निकासी (विद्ड्रॉल) का रिकॉर्ड मिला है। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट और कॉलिंग रिकॉर्ड भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से साइबर ठगी में किया जाता था।
63 लाख रुपये फ्रीज, तीसरे आरोपी की तलाश
पुलिस के मुताबिक अकील अहमद के बैंक खातों की जांच में बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में छह लाख रुपये और एचडीएफसी बैंक के खाते में 57 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। खातों में हुए वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस को एनसीआरपी पोर्टल पर भी आरोपियों के खातों से जुड़ी साइबर ठगी की शिकायतें मिली हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य सुफियान अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना मवई में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है।







