उन्नाव। जिले के सफीपुर और पुरवा क्षेत्र के छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में कुल 279 मरीजों का उपचार किया गया। हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं में खामियां भी सामने आईं। रूपपुर चंदेला पीएचसी में डॉक्टर के अनुपस्थित रहने पर फार्मासिस्ट ने मरीजों का उपचार किया, जबकि चमियानी पीएचसी में लैब सहायक का पद खाली होने से मरीजों की जरूरी जांचें नहीं हो सकीं।
सफीपुर क्षेत्र के रूपपुर चंदेला पीएचसी में प्रशिक्षु चिकित्सक डॉ. नंदनी आरोग्य मेले में नहीं पहुंचीं। उनकी अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट प्रमोद उत्तम ने 68 मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं।
वहीं सकहन राजपूतान पीएचसी में डॉ. रिम्मी जायसवाल ने 64 मरीजों, जबकि बरीखेड़ा पीएचसी में डॉ. जकरिया ने 72 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि अनुपस्थित चिकित्सक की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भेजी जाएगी।
उधर, पुरवा क्षेत्र के पासाखेड़ा पीएचसी में डॉ. स्वाती गुप्ता ने 30 मरीजों का उपचार किया। चमियानी पीएचसी में डॉ. राज लक्ष्मी दोहरे ने 23 मरीजों को देखा, जबकि गढ़ाकोला पीएचसी में डॉ. चारू जैन ने 22 मरीजों का उपचार किया।
पासाखेड़ा और गढ़ाकोला स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर और बलगम समेत विभिन्न जांचें भी कराई गईं। हालांकि चमियानी पीएचसी में लैब सहायक के स्थानांतरण के बाद से पद रिक्त होने के कारण मरीजों को जांच सुविधा का लाभ नहीं मिल सका।








