उन्नाव। गंजमुरादाबाद क्षेत्र में हसनापुर चौराहा से खंभौली तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग के पक्का होने की उम्मीद जगी है। आजादी के करीब आठ दशक बाद भी यह सड़क पक्की नहीं बन सकी, जिससे हर बरसात में ग्रामीणों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यह मार्ग गंजमुरादाबाद और बांगरमऊ ब्लॉक की हसनापुर, खंभौली और हैबतपुर ग्राम पंचायतों को जोड़ता है। बारिश के दौरान सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन लगभग ठप हो जाता है। ऐसे में लोगों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड या मदारपुर मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्राम प्रधानों के अनुसार, ग्राम पंचायत के पास केवल कच्चे रास्ते या खड़ंजा निर्माण का अधिकार है। इसलिए हर तीन-चार साल में मिट्टी डालकर मार्ग को समतल कर दिया जाता है, लेकिन पक्की सड़क के लिए उच्च स्तर पर स्वीकृति आवश्यक है।
क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार ने बताया कि इस मार्ग को मंडी परिषद की कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। बारिश समाप्त होने के बाद सड़क का पक्कीकरण कराया जाएगा, जिससे तीनों ग्राम पंचायतों के लोगों को सालभर बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।







