उन्नाव: परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को और आसान व रोचक बनाने की दिशा में नई पहल की गई है। अब छात्रों को किताबों के साथ वीडियो और डिजिटल माध्यमों से भी विषयों की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए जिले के तीन शिक्षकों और डायट के तीन प्रवक्ताओं को पीएम विद्या के तहत लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक अब जिले में नोडल की भूमिका निभाकर इस व्यवस्था को आगे बढ़ाएंगे।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण में सीखी डिजिटल तकनीक
संयुक्त निदेशक पवन सचान के निर्देशन में एससीईआरटी, लखनऊ में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के शिक्षक डॉ. प्रदीप वर्मा, आशीष दीक्षित और आकांक्षा त्रिपाठी ने हिस्सा लिया। इनके अलावा डायट के प्रवक्ता श्याम सिंह, डॉ. उमाप्रसाद पटेल और दिनेश कुमार सिंह भी प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को डिजिटल कंटेंट तैयार करने, स्टूडियो में प्रस्तुतीकरण, शैक्षिक वीडियो बनाने, कंटेंट की गुणवत्ता जांचने और डिजिटल माध्यम से प्रभावी तरीके से पढ़ाने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान
प्रशिक्षण के बाद अब जिले के परिषदीय स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को पीएम ई-विद्या के डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षकों का प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी पीएम ई-विद्या के डीटीएच चैनलों, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध शैक्षिक सामग्री का नियमित रूप से लाभ उठा सकें।
कठिन विषयों को समझने में मिलेगी मदद
शिक्षक डॉ. प्रदीप वर्मा ने बताया कि पीएम ई-विद्या के माध्यम से विद्यार्थियों को निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने से छात्रों को कठिन अध्यायों को दोबारा समझने, छूटे हुए पाठ्यक्रम को पूरा करने और घर पर स्व-अध्ययन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वीडियो आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों की विषयों को समझने की क्षमता बेहतर होगी और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ सकती है। जिले में प्रशिक्षित शिक्षक अब अन्य शिक्षकों को भी डिजिटल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए मार्गदर्शन देंगे।






