चकिया (चंदौली) क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी खबर सामने आई है। सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में अब स्नातक स्तर पर विज्ञान वर्ग की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। शासन से बीएससी के लिए विज्ञान के पांच प्रमुख विषयों को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से चकिया क्षेत्र में बीएससी की पढ़ाई शुरू कराने की मांग की जा रही थी। अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान वर्ग की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या दूर-दराज के शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने घर के आसपास ही उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा और अभिभावकों पर आने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा।
पांच प्रमुख विषयों में होगी बीएससी की पढ़ाई
महाविद्यालय में बीएससी पाठ्यक्रम के तहत भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान और जंतु विज्ञान की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसके साथ ही कंप्यूटर विज्ञान को भी शिक्षा व्यवस्था में शामिल किए जाने की बात कही गई है। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक विज्ञान शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा। शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने इस स्वीकृति को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि चकिया, नौगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने इसके लिए क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य का आभार जताया।
विधायक बोले- लगातार किए गए प्रयास
क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य ने बताया कि चकिया और नौगढ़ क्षेत्र में विज्ञान वर्ग की उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। मुख्यमंत्री के सहयोग से महाविद्यालय में विज्ञान भवन के निर्माण और बीएससी पाठ्यक्रम को मंजूरी मिली है। उन्होंने इसे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम बताया।
अंतिम स्वीकृति के बाद शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता सिन्हा ने बताया कि शासन की ओर से बीएससी पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति प्राप्त हो चुकी है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने और अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बीएससी की पढ़ाई शुरू होने से चकिया के साथ-साथ नौगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। स्थानीय स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई की सुविधा मिलने से क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी में भी मदद मिलने की उम्मीद है।






