समाजवादी विचारधारा के महान पुरोधा को किया गया नमन
लखनऊ। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रखर समाजवादी नेता स्वर्गीय चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर देशभर में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं वैचारिक संगठनों द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। नेताओं, कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने उन्हें भारतीय राजनीति का निर्भीक, सिद्धांतनिष्ठ और जनसरोकारों से जुड़ा हुआ नेता बताते हुए उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्व. चंद्रशेखर केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि समाजवादी विचारधारा के ऐसे पुरोधा थे जिन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्रीय एकता के लिए संघर्ष किया। उनका व्यक्तित्व सत्ता से अधिक सिद्धांतों के प्रति समर्पित था और यही कारण है कि वे सभी राजनीतिक दलों में सम्मान की दृष्टि से देखे जाते थे।
वक्ताओं ने कहा कि जिस समाजवादी विचारधारा की नींव , और ने रखी, उसी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और उसे राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत आधार देने का कार्य स्व. ने किया। उन्होंने सदैव गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाया।
वक्ताओं ने उनके राजनीतिक योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि जब देश में कांग्रेस विरोधी राजनीति का दौर शुरू हुआ और गैर-कांग्रेसी दलों के एकजुट होने की प्रक्रिया तेज हुई, तब स्व. चंद्रशेखर ने विभिन्न दलों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी राजनीतिक सूझबूझ और संगठन क्षमता के कारण उन्हें उस दौर का “राजनीतिक चाणक्य” भी कहा जाता था। उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा देने में अहम योगदान दिया।
श्रद्धांजलि सभा में यह भी कहा गया कि संसद में स्व. चंद्रशेखर का भाषण सुनने के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के सदस्य पूरी गंभीरता से उपस्थित रहते थे। उनकी वाणी में तथ्य, तर्क और राष्ट्रहित की स्पष्ट सोच झलकती थी। वे बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखते थे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में जब राजनीति में वैचारिक प्रतिबद्धता कम होती दिखाई देती है, ऐसे दौर में स्व. चंद्रशेखर का जीवन और उनके विचार नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी सादगी, ईमानदारी, संघर्षशीलता और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने स्व. चंद्रशेखर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्व. चंद्रशेखर के विचार और आदर्श सदैव भारतीय लोकतंत्र को दिशा देते रहेंगे और समाजवादी आंदोलन के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे।








