– सीएचसी से पुलिस चौकी तक 200 मीटर निर्माण कार्य, सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित होने के बावजूद पुरानी लाइन से बन रही नाली; गुणवत्ता जांच की उठी मांग।
संत कबीर नगर
धनघटा
राणा प्रताप राय
धनघटा। तहसील क्षेत्र के नाथनगर कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से पुलिस चौकी तक लगभग 200 मीटर लंबी नाली का निर्माण पूर्वांचल विकास निधि से लगभग साढ़े बारह लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने इसकी गुणवत्ता और आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। घटिया गुणवत्ता की ईंट और मसाले का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
दलबीर अहमद खान प्रेमशिला मनोज मनोज विमला आदि ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर नई नाली का निर्माण कराया जा रहा है, उसके समानांतर पहले से ही पुरानी नाली मौजूद है। यदि उसकी नियमित सफाई, सिल्ट हटाने और आवश्यक मरम्मत का कार्य करा दिया जाता तो जल निकासी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती थी। इसके बावजूद लाखों रुपये की लागत से नई नाली का निर्माण कराया जाना लोगों की समझ से परे है।स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि खलीलाबाद–धनघटा मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव पहले से है। ऐसे में पुरानी सड़क की लाइन से नाली का निर्माण भविष्य में सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का विस्तार होना है तो उसी के अनुरूप तकनीकी योजना बनाकर निर्माण कराया जाना चाहिए, अन्यथा सरकारी धन का नुकसान होने की आशंका बनी रहेगी।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की निगरानी प्रभावी ढंग से नहीं हो रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई तो निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही नाली क्षतिग्रस्त हो सकती है,जिससे जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कार्य की तकनीकी स्वीकृति तथा निर्माण की उपयोगिता की स्वतंत्र जांचकराई जाय। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमित सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यवाही संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया कि मामला गंभीर है। नाला निर्माण से जुड़े सारे तथ्यों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
साढ़े 12 लाख की नाली निर्माण पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाया मानकों की अनदेखी का आरोप









