संभल आयोग की रिपोर्ट पास; 3 से 6 अगस्त तक होगा मानसून सत्र
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में दो नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण, मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, विश्वविद्यालयों में शोध पीठ की स्थापना, संभल हिंसा की जांच आयोग की रिपोर्ट को स्वीकृति और विधानसभा के मानसून सत्र की तारीखों समेत कई अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दी।
पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र को मिलेगा नया एक्सप्रेसवे नेटवर्क
कैबिनेट ने प्रदेश में सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से दो नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दी।
पहला प्रयागराज-सोनभद्र ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसकी लंबाई लगभग 333 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर करीब 26 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र को तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा तथा पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक एवं पर्यटन विकास को बढ़ावा देगा।
दूसरा विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसकी लंबाई 117 किलोमीटर निर्धारित की गई है। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को विंध्य क्षेत्र से जोड़ेगा और गाजीपुर, चंदौली तथा मिर्जापुर जिलों से होकर गुजरेगा। परियोजना की कुल लागत 9,039 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 5,628 करोड़ रुपये निर्माण कार्य तथा 1,731 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए ईपीसी (Engineering, Procurement and Construction) मॉडल पर विकासकर्ता चयन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बनेगा नया डायवर्जन
कैबिनेट ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन के निर्माण को भी स्वीकृति दी। बताया गया कि मूल मार्ग में अधिक आबादी और भवन आने के कारण यह परिवर्तन आवश्यक था। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव से परियोजना की लागत में कोई अतिरिक्त वृद्धि नहीं होगी।
मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी
महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों की टॉप-5 छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी।
इसके लिए 400 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है और लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
विश्वविद्यालयों में स्थापित होंगी शोध पीठ
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शोध पीठ (Research Chairs) स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
योजना के तहत पात्र विश्वविद्यालयों को दो करोड़ रुपये और महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। यह राशि स्थायी निधि (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में रखी जाएगी और उसके ब्याज से शोध एवं अकादमिक गतिविधियों का संचालन होगा। सरकार इस योजना में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से भी सहयोग लेने की तैयारी में है।
बसंत महिला विश्वविद्यालय में बनेगा नया छात्रावास
कैबिनेट ने वाराणसी स्थित बसंत महिला विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए नए छात्रावास के निर्माण को मंजूरी दी। लगभग 2.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस छात्रावास में 112 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। वर्तमान छात्रावास की क्षमता 220 छात्राओं की है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त आवास की आवश्यकता महसूस की गई।
संभल न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने संभल हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को भी स्वीकृति प्रदान कर दी। सरकार अब आयोग की सिफारिशों के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई करेगी। हालांकि रिपोर्ट का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
3 से 6 अगस्त तक चलेगा विधानसभा का मानसून सत्र
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक आयोजित करने का निर्णय लिया। इस दौरान सरकार वित्तीय वर्ष का अनुपूरक बजट पेश करेगी और कई विधेयक भी सदन में लाए जा सकते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, कानून-व्यवस्था, किसानों, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
अन्य विभागों के प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
कैबिनेट ने महिला कल्याण, गृह, सचिवालय प्रशासन, उच्च शिक्षा, राज्य कर, परिवहन, स्टांप एवं पंजीकरण तथा सहकारिता विभाग से जुड़े कई प्रशासनिक और नीतिगत प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनका उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, निवेश को बढ़ावा देना तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।
विकास और महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि योगी सरकार आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आधारभूत ढांचे के विस्तार, पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण, उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस कर रही है। सड़क परियोजनाओं से औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जबकि स्कूटी योजना और शोध पीठ जैसी पहलें शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने का प्रयास मानी जा रही हैं।







