भीटी पुलिस पर अधूरी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आरोप
अम्बेडकरनगर। चर्चित धान खरीद घोटाले में दोषी पाए गए ब्लॉक कटेहरी के असाईत कला धान क्रय केंद्र पर तत्कालीन तैनात सचिव दुर्गा प्रसाद पाण्डेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बावजूद भीटी पुलिस पर उन्हें बचाने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि उच्च अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पुलिस ने केवल आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/5 में मुकदमा दर्ज किया, जबकि कूटरचित दस्तावेज से संबंधित धारा 316(5) बीएनएस नहीं जोड़ी।
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ईशा प्रिया और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्सना बन्धु ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, उपजिलाधिकारी अकबरपुर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला प्रबंधक पीसीएफ तथा संभागीय खाद्य नियंत्रक, अयोध्या मंडल को निर्देश दिया था कि दुर्गा प्रसाद पाण्डेय के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/5 के साथ-साथ कूटरचित दस्तावेज से संबंधित धारा 316(5) बीएनएस के तहत भी मुकदमा दर्ज कराया जाए।
आरोप है कि इन निर्देशों के बावजूद भीटी पुलिस ने केवल आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/5 के तहत मुकदमा दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर दी। जबकि दर्ज एफआईआर में कूटरचित दस्तावेज का उल्लेख भी किया गया है। इसके बावजूद संबंधित धारा शामिल न किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि भीटी पुलिस जानबूझकर आरोपी सचिव को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







