औरैया: पेंशन भी बंद
औरैया। सरकारी रिकॉर्ड की एक कथित त्रुटि ने 70 वर्षीय सावित्री देवी का जीवन मुश्किलों से भर दिया है। समाज कल्याण विभाग के अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज किए जाने के कारण पिछले तीन वर्षों से उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद है। अब वह खुद को जीवित साबित करने के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं।
पीड़िता सावित्री देवी के अनुसार, समाज कल्याण विभाग के रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शा दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। उनका कहना है कि पिछले लगभग तीन वर्षों में उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय, तहसील अजीतमल, संपूर्ण समाधान दिवस समेत कई अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या बताई, लेकिन अब तक विभागीय रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया।
सावित्री देवी ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन ही उनकी आजीविका का प्रमुख सहारा थी। पेंशन बंद होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग रिकॉर्ड का सत्यापन कर त्रुटि सुधार देता, तो एक बुजुर्ग महिला को अपने अस्तित्व के लिए वर्षों तक संघर्ष नहीं करना पड़ता। यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी रिकॉर्ड की शुद्धता पर भी सवाल खड़े करता है।
प्रशासन का पक्ष
उपजिलाधिकारी अजीतमल निखिल राजपूत ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है। यदि अभिलेखों में त्रुटि के कारण महिला को मृत दर्शाया गया है, तो तत्काल रिकॉर्ड संशोधित कर नियमानुसार उनकी वृद्धावस्था पेंशन बहाल कराने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी जांच कराई जाएगी।







