देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र में रविवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। रतसिया मोड़ स्थित मां वैष्णो मैरेज हाल परिसर में हुए इस कार्यक्रम में 47 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई जिंदगी की शुरुआत की। इनमें 44 हिंदू जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए, जबकि तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। अलग-अलग समुदायों के जोड़ों के एक साथ विवाह बंधन में बंधने से समारोह में सामाजिक समरसता की तस्वीर देखने को मिली।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर कुशवाहा ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखी और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की। समारोह में ब्लॉक प्रमुख बनकटा बिंदा कुशवाहा, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी भाटपाररानी, डीसी मनरेगा आलोक पांडेय, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। खंड विकास अधिकारी भाटपाररानी प्रसिद्ध नाथ त्रिपाठी और खंड विकास अधिकारी बनकटा अरुण कुमार पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
विवाह समारोह के दौरान परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। वर-वधू के परिजन और रिश्तेदार भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। सामूहिक विवाह के दौरान हिंदू और मुस्लिम परंपराओं के अनुसार अलग-अलग रीति-रिवाज पूरे कराए गए। कार्यक्रम में स्थानीय पत्रकारों और क्षेत्र के अन्य गणमान्य नागरिकों की भी मौजूदगी रही।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र जोड़ों को विवाह के लिए आर्थिक सहायता और आवश्यक उपहार सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है, जिसमें 64 हजार रुपये विवाहिता के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, 21 हजार रुपये की उपहार सामग्री दी जाती है और 15 हजार रुपये आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। योजना के जरिए आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों को विवाह में सहायता मिलने के साथ सामाजिक सहभागिता और समरसता को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।




















