अवैध खनन करते ट्रैक्टर व रीपर मशीन जब्त।
जलेसर (एटा)। तहसील क्षेत्र में अवैध खनन एक लाइलाज बीमारी बन गया है । तहसील प्रशासन लाख कोशिशों के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। परिणामस्वरूप चरम पर चल रहे अवैध खनन के चलते क्षेत्रीय लोगों में आगामी बरसात में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। वहीं तहसील प्रशासन द्वारा बीती रात अवैध खनन करते हुए एक रीपर व एक ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ लिया गया।
बीते मंगलवार की रात उपजिलाधिकारी पीयूष रावत के निर्देशन में अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध चलाया गया । जिसमें तहसीलदार संदीप सिंह द्धारा सूचना मिलने पर मध्य रात्रि में राजस्व टीम के साथ छापेमार की गई। छापेमारी के दौरान अवैध रूप से मिट्टी खनन कर रहे एक ट्रैक्टर तथा खुदाई में प्रयुक्त रीपर मशीन को मौके से पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में संलिप्त एक ट्रैक्टर एवं खुदाई की रीपर मशीन को मौके से कब्जे में ले लिया गया। जबकि अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। तहसीलदार द्वारा जब्त किए गए वाहन एवं मशीन को आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु कोतवाली जलेसर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
वहीं एसडीएम पीयूष रावत ने बताया कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व एवं प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। तथा अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जायेगी।
छापेमारी से पूर्व खनन माफियाओं को मिल जाती है पहले ही सूचना
जलेसर (एटा)। तहसील क्षेत्र में चरम पर चल रहे अवैध खनन को लेकर ग्रामीण भय ग्रस्त है। लोगो में लगभग दो साल पूर्व सकरौली थाना क्षेत्र के गांव बाकलपुर में धाय गिरने से हुए एक बड़े हादसे की पुनरावृत्ति होने की आशंका बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा जलेसर मे हो रहे अवैध खनन को पूरी तरह से बंद कराए जाने को लेकर स्थानीय तहसील प्रशासन को विशेष अभियान चलाए जाने के सख्त निर्देश पर भी निरंतर दिए जा रहे हैं। हालांकि तहसील प्रशासन द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध छापेमार कार्रवाई की तो जाती है। लेकिन तहसील प्रशासन के पहुंचने से पूर्व खनन माफियाओ को सूचना मिल जाती है । और माफिया अवैध खनन बंद को थोड़ी देर के लिए बंद कर पुनः चालू कर देते हैं।
सूत्रों की माने तो छापेमारी के दौरान कार्रवाई सिर्फ उन्हीं खनन माफियाओं के विरुद्ध की जाती है जो तहसील प्रशासन से बगैर मिले ही इस अवैध कारोबार को अंजाम देते हैं।








