पुलिस ने नहीं मांगी पॉलीग्राफ जांच
अदालत ने पुलिस रिमांड बढ़ाने से किया इनकार, कोडवर्ड और इमोजी वाली चैट की जांच जारी; नए गवाहों के बयान दर्ज।
नई दिल्ली। पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुणे की अदालत ने मुख्य आरोपित सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अदालत ने पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग खारिज करते हुए दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण गवाह सामने आए हैं, जिनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि उसके पास यह साबित करने के पर्याप्त साक्ष्य हैं कि केतन अग्रवाल की हत्या की गई थी।
पुलिस ने अदालत से तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग करते हुए कहा था कि आरोपितों के मोबाइल फोन से मिली चैट में कोडवर्ड, निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल हुआ है। इन संदेशों का सही अर्थ समझने और डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि के लिए दोनों से आमने-सामने पूछताछ जरूरी है।
जांच में यह भी सामने आया कि सिया गोयल का एक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इससे पहले जब्त किए गए मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट पुलिस को मिल चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने उस स्थान का भी पंचनामा किया, जहां कथित तौर पर केतन अग्रवाल का पासपोर्ट फेंका गया था और उस जगह का भी निरीक्षण किया, जहां हत्या की कथित रिहर्सल की गई थी।
हालांकि, बचाव पक्ष ने अतिरिक्त पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि सभी जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले ही जब्त किए जा चुके हैं और आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित तौर पर चट्टान से धक्का देकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, घटना के समय सिया गोयल और चेतन चौधरी मौके पर मौजूद थे। सिया और केतन की शादी इसी वर्ष नवंबर में प्रस्तावित थी।








