बाराबंकी: ग्रामीणों ने दी आंदोलन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
साप्ताहिक बाजार में हजारों लोगों की आवाजाही, खराब हैंडपंप और पेयजल व्यवस्था न होने से बढ़ी नाराजगी
बाराबंकी। भीषण गर्मी के बीच सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, लेकिन विकास खंड बनीकोडर की ग्राम पंचायत सनौली का प्रमुख सनौली चौराहा आज भी पेयजल संकट से जूझ रहा है। चौराहे पर राहगीरों और बाजार आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, सनौली चौराहे पर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार लगती है, जिसमें आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। चौराहे से लगभग 200 मीटर दूर स्थित हैंडपंप भी लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी रोहित तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करते हुए 24 घंटे के भीतर पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी चुनाव में वोट मांगने आने वाले जनप्रतिनिधियों का ग्रामीण विरोध करेंगे।
रोहित तिवारी की इस मांग का समर्थन रवि तिवारी, बुधराम रावत, शिवम यादव, अमरेश साहू, सुधांशु कश्यप और अमरनाथ शर्मा समेत कई ग्रामीणों ने किया है। ग्रामीणों का कहना है कि चौराहे और आसपास के क्षेत्र में करीब एक हजार की आबादी निवास करती है, जो इस समस्या से प्रभावित है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और ग्राम सचिव से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।








