आवास से उपकेंद्र तक भारी पुलिस बल तैनात
चंदौली। सिंचाई और बिजली व्यवस्था को लेकर प्रस्तावित आंदोलन से पहले सोमवार को प्रशासन ने सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। सुबह से ही सैयदराजा स्थित उनके आवास से लेकर अमड़ा विद्युत उपकेंद्र तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने पहले ही उन्हें आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन करने की तैयारी में थे।
पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ ने क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही बिजली आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि अमड़ा उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में उपभोक्ता लंबे समय से लो वोल्टेज, अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों के ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं, जिससे धान की रोपाई और सिंचाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार प्रशासन और विद्युत विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन की घोषणा की गई थी।
आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुबह से ही पूर्व विधायक के आवास के बाहर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवास से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई। वहीं अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर भी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि समर्थक वहां एकत्र न हो सकें।
हाउस अरेस्ट के दौरान पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार बिजली और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। किसान धान की रोपाई के समय पानी और बिजली के संकट से परेशान हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी समस्याओं के समाधान के बजाय आंदोलन को रोकने में लगे हैं।
मनोज सिंह ‘डब्लू’ ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि जनता की समस्याओं को उठाने पर भी प्रशासन इस तरह की कार्रवाई करेगा तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को भले ही फिलहाल रोक दिया गया हो, लेकिन किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अव्यवस्था से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। पूरे क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई थी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। पूर्व विधायक के समर्थकों को भी उपकेंद्र की ओर जाने से रोक दिया गया, जिसके चलते प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो सका।
क्षेत्र में दिनभर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं होती रहीं। किसानों और ग्रामीणों के बीच बिजली और सिंचाई व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख बना रहा। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन और विद्युत विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाते हैं।







