कमिश्नर कोर्ट से आज़म ख़ान को अंतरिम राहत
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान को जौहर विश्वविद्यालय मामले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है। मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर कोर्ट ने जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है। अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई पूरी होने तक यथास्थिति (स्टेटस क्वो) बनाए रखने का निर्देश दिया है।
जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण को लेकर जारी प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कमिश्नर कोर्ट ने कहा कि अंतिम निर्णय आने तक विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आदेश के बाद फिलहाल प्रशासन विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ या अन्य कार्रवाई नहीं कर सकेगा।
मामला लंबे समय से कानूनी विवाद का विषय बना हुआ है। विश्वविद्यालय की भूमि, निर्माण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर विभिन्न न्यायिक मंचों पर सुनवाई चल रही है। इसी क्रम में ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती देते हुए कमिश्नर कोर्ट में अपील दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। अब आगामी सुनवाई में दोनों पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद कमिश्नर कोर्ट अंतिम फैसला सुनाएगा।
इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल जौहर विश्वविद्यालय पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रुक गई है। हालांकि, यह राहत अस्थायी है और मामले का अंतिम निर्णय कमिश्नर कोर्ट की विस्तृत सुनवाई के बाद ही होगा। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी हैं।







