परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया
अलीगंज (एटा)। कोतवाली अलीगंज क्षेत्र स्थित राजगुरु ओरिएंटल पब्लिक स्कूल में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब स्कूल के कक्ष संख्या-1 में कैंटीन संचालक गिरीश चंद्र गुप्ता (पुत्र सौंजीराम गुप्ता), निवासी मोहल्ला नजफअली का शव पंखे से फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डॉग स्क्वायड तथा फोरेंसिक टीम की मदद से जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरीश चंद्र गुप्ता पिछले करीब चार वर्षों से कोट रोड स्थित एक प्लॉट में परिवार के साथ रह रहे थे और स्कूल परिसर में कैंटीन का संचालन कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और दो बेटे हैं।
सुबह स्कूल गए, एक घंटे बाद मिली मौत की सूचना
परिजनों का कहना है कि मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे गिरीश चंद्र गुप्ता घर से स्कूल के लिए निकले थे। करीब 7:30 बजे परिवार को सूचना मिली कि उनका शव स्कूल परिसर में फंदे से लटका मिला है। सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और स्कूल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की बहू संजना ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन के साथ पहले से विवाद चल रहा था और कुछ समय पहले उनके ससुर का कैंटीन का सामान भी फेंक दिया गया था। उनका कहना है कि स्कूल की ओर से फोन कर उन्हें फांसी लगाने की सूचना दी गई।
वहीं मृतक की भतीजी सुमन ने आरोप लगाया कि उनके चाचा की हत्या कर शव को फंदे से लटकाया गया है। उनका दावा है कि स्कूल प्रबंधन काफी समय से उन्हें परेशान कर रहा था और घटना की सूचना भी देर से दी गई।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
स्कूल के प्रबंधक मंजूरूल हसन ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सुबह उन्हें फोन पर घटना की जानकारी मिली। उस समय मुख्य गेट बंद था, इसलिए वह दीवार फांदकर परिसर में पहुंचे, जहां कक्ष संख्या-1 में शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और सच्चाई पुलिस जांच के बाद सामने आएगी।
डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
कोतवाली अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक रुपेश वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।







