सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, ढाई घंटे जाम
परिजनों ने ₹25 लाख मुआवजे और पत्नी को नौकरी की मांग की, चार नामजद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र में नाले से मिले युवक के शव की पहचान 25 वर्षीय उपेंद्र निषाद के रूप में होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज लोगों ने पिपराइच-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया, जिससे करीब ढाई घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद जाम समाप्त कराया गया।
मृतक उपेंद्र निषाद पिपराइच थाना क्षेत्र के हैदरगंज जंगलधूषण के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी कुसुम और माता भानमती देवी हैं। शव की पहचान होने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने मृतक के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा और पत्नी को जीवनयापन के लिए सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मृतक की बहन नर्मदा ने आरोप लगाया कि पुरानी जमीन संबंधी रंजिश के चलते उसके भाई की हत्या की गई है। उनका कहना है कि गांव के सिकंदर बीहुल, उमेश और हृदयनारायण उपेंद्र को घुमाने के बहाने अपने साथ ले गए थे। आरोप है कि देर रात तीनों ने तुरवा बाजार के आगे उसकी हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपी पहले भी जान से मारने की धमकी दे चुके थे।
जाम की सूचना मिलते ही पिपराइच, शाहपुर और चिलुआताल थानों की पुलिस के साथ एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह ने बताया कि तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।







