मुंबई। प्रसिद्ध फिल्ममेकर, लेखक, क्रिएटिव प्रोफेशनल और पॉडकास्ट होस्ट अविनाश त्रिपाठी को रचनात्मक सिनेमा, लेखन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े प्रभावशाली कार्यों के लिए प्रतिष्ठित ‘विंध्य आइकॉनिक बिजनेस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल और प्रख्यात समाजसेवी एवं उद्यमी डॉ. मंजू लोढ़ा ने प्रदान किया।
अविनाश त्रिपाठी की विशिष्ट रचनात्मक दृष्टि और सामाजिक विषयों पर लंबे समय से किए जा रहे कार्यों को देखते हुए ज्यूरी ने उन्हें रचनात्मक फिल्म निर्माण और सामाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली कहानी कहने वाले सक्रिय शॉर्ट फिल्ममेकर्स में शामिल करते हुए इस सम्मान के लिए चुना।
अविनाश त्रिपाठी अब तक 750 से अधिक शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं। उनके रचनात्मक कार्यों में पर्यटन, बेटी बचाओ, बाल श्रम, नशाखोरी, धूम्रपान और बहरूपिया परंपरा समेत समाज और मानव जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। उनकी फिल्मों की खासियत यह है कि वे गंभीर सामाजिक मुद्दों को महज सूचना के तौर पर प्रस्तुत करने के बजाय मानवीय संवेदनाओं और प्रभावशाली कहानी के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाते हैं।
सिनेमा के साथ लेखन और गीतों में भी पहचान
फिल्म निर्माण के अलावा अविनाश त्रिपाठी ने लेखक और गीतकार के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। उनके लिखे कई गीतों को शान, कविता कृष्णमूर्ति, कविता सेठ, अन्वेषा और अभिषेक रे जैसे प्रतिष्ठित गायकों ने अपनी आवाज दी है।
वह लोकप्रिय पॉडकास्ट ‘Beyond the Frame with Avinash Tripathi’ के होस्ट भी हैं। इस मंच के जरिए वह सिनेमा, रचनात्मकता, संस्कृति, कला और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तित्वों के साथ संवाद करते हैं। पॉडकास्ट के माध्यम से वह ऐसी कहानियों और विचारों को सामने लाने का प्रयास करते हैं, जो अक्सर मुख्यधारा की चर्चा से दूर रह जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मिली पहचान
अविनाश त्रिपाठी के रचनात्मक कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उन्हें प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल में क्रिएटिव और सिनेमा राइटिंग से संबंधित वर्कशॉप आयोजित करने के लिए आमंत्रित किया गया। इसके अलावा उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ग्लासगो में आयोजित ग्लोबल डायस्पोरा कार्यक्रम में भी आमंत्रित किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान अवॉर्ड के आयोजक विष्णु मिश्रा ने अविनाश त्रिपाठी की लेखन शैली और रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि त्रिपाठी की रचनात्मकता, सामाजिक संवेदनशीलता और कहानी कहने की अनूठी शैली उन्हें समकालीन सिनेमा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाती है।
यह सम्मान अविनाश त्रिपाठी की उस रचनात्मक यात्रा को रेखांकित करता है, जिसमें सिनेमा, लेखन, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना एक साथ दिखाई देती है। 750 से अधिक शॉर्ट फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के अनुभव, लेखन एवं गीतों के क्षेत्र में योगदान, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रचनात्मक सहभागिता और ‘Beyond the Frame with Avinash Tripathi’ जैसे संवादात्मक मंच के जरिए वह लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सोचने, महसूस करने और सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरित करने वाली प्रभावशाली भाषा भी है।





