हर घर तिरंगा अभियान के तहत सोमवार को श्रावस्ती में देशभक्ति और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का अनूठा संगम देखने को मिला। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से राप्ती नदी में बोट रैली का आयोजन किया गया। राप्ती की उफनाती लहरों के बीच बचाव नौकाओं पर तिरंगा शान से लहराता नजर आया। रैली के दौरान नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भारत माता के जयकारे लगाए और बोट रैली का स्वागत किया। इस दौरान पूरा माहौल देशभक्ति से सराबोर नजर आया।
एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की छह नावें हुईं शामिल
बोट रैली का नेतृत्व अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ललित कुमार ने किया। रैली में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की चार और फ्लड पीएसी की दो नावें शामिल हुईं। सभी नावों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था।
राष्ट्रध्वज के सम्मान के साथ आपदा तैयारियों का भी परीक्षण
अपर जिलाधिकारी ललित कुमार ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस बोट रैली का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारियों का परीक्षण करना भी है। उन्होंने कहा कि राप्ती नदी श्रावस्ती में बाढ़ का प्रमुख कारण है। ऐसे में तिरंगे से सुसज्जित बचाव नौकाओं के प्रदर्शन से जहां लोगों में राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होगी, वहीं उन्हें बाढ़ या किसी अन्य आपदा की स्थिति में प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा भी मिलेगा।
संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़ा रहेगा आपदा प्रबंधन विभाग
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि बोट रैली का आयोजन राष्ट्रध्वज के सम्मान में किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किसी भी आपदा या संकट की स्थिति में जिले के लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि आपात स्थिति में बचाव और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभाग की टीमें लगातार तैयारियों में जुटी रहती हैं।
अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
बोट रैली के दौरान एसडीएम भिनगा आशीष भारद्वाज, प्रभारी अधिकारी आपदा प्रवीण यादव, नायब तहसीलदार भिनगा, एसडीआरएफ निरीक्षक सुशील कुमार, एसडीआरएफ उपनिरीक्षक अनुपम, फ्लड पीएसी के पीसी उत्तम कुमार, लेखपाल मनीष आर्या समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। रैली को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी नदी किनारे पहुंचे।






