अमेठी। भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। यह बात प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य धीरेन्द्र वाल्मीकि ने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में कही। बैठक के दौरान जिले में केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
धीरेन्द्र वाल्मीकि ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों को मिल रहे लाभ और लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करें, ताकि गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने की हिदायत देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, विद्युत सौभाग्य योजना, समाज कल्याण विभाग, नगरीय निकाय और जल निगम की योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अधूरे कार्यों को तय समयसीमा में पूरा कराया जाए और योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। बैठक में स्वच्छता, बिजली, पेयजल, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।धीरेन्द्र वाल्मीकि ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ गांव और शहर के जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान करने को कहा। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रामनगीना यादव, खंड विकास अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।






