लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सांसदों और विधायकों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। जनप्रतिनिधियों के साथ तैनात पुलिसकर्मियों के पुराने हथियारों को बदलकर उन्हें नए हथियार देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत सरकार 800 नाइन एमएम सब-मशीनगन खरीदने जा रही है। इनके साथ 2.56 लाख कारतूस भी खरीदे जाएंगे। इस खरीद के लिए शासन ने 5.59 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है। नई सब-मशीनगन की कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई गई है। सरकार का यह कदम जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में तैनात गनरों को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने की योजना का हिस्सा है। इससे वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी में इस्तेमाल होने वाले पुराने हथियारों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा सकेगा।
संवेदनशील जगहों पर स्नाइपर की तैनाती
सरकार ने प्रदेश के महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए तीन स्नाइपर राइफल खरीदने की भी मंजूरी दी है। एक राइफल की अनुमानित कीमत 10.76 लाख रुपये बताई गई है। इनका इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से अयोध्या के श्रीराम मंदिर, हाईकोर्ट, लोकभवन, मेट्रो और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा में किया जाएगा। इन हथियारों को विशेष सुरक्षा बल के इस्तेमाल में दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टेलीस्कोपिक सर्च मिरर जैसे उपकरण खरीदने की भी योजना है। पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत सुरक्षा बलों को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
महिला पीएसी को भी मिलेंगे आधुनिक हथियार
प्रदेश में हाल ही में गठित तीन महिला पीएसी वाहिनियों के लिए भी नए हथियार खरीदने की तैयारी है। इनके लिए 373 पिस्टल और 90 असॉल्ट राइफल खरीदने का प्रस्ताव है। इसके लिए करीब दो करोड़ रुपये की राशि मंजूर किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार की हथियार आधुनिकीकरण योजना में एक तरफ जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में लगे जवानों के हथियार बदले जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संवेदनशील सरकारी और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात बलों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पीआरडी जवानों के भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
इसी बीच प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में वृद्धि का प्रस्ताव भी चर्चा में है। प्रस्ताव के मुताबिक मौजूदा 500 रुपये प्रतिदिन के भत्ते को बढ़ाकर 600 रुपये किया जा सकता है। इसके अलावा पीआरडी कर्मियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू करने की योजना भी प्रस्तावित है। पीआरडी जवानों के मानदेय में पिछले कुछ वर्षों में कई बार बढ़ोतरी हो चुकी है। अब एक बार फिर 100 रुपये की संभावित वृद्धि से जवानों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस तरह प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई स्तरों पर बदलाव की तैयारी चल रही है। जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में नए हथियारों की आपूर्ति से लेकर संवेदनशील स्थानों पर स्नाइपर और महिला पीएसी को आधुनिक हथियार देने तक, सरकार पुलिस और सुरक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है।





















