श्रावस्ती में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में जिले की तीनों तहसीलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल आयोजित की गई। भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) हादसे और अग्निसुरक्षा को लेकर अलग-अलग स्थानों पर अभ्यास कराया गया। भिनगा के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में भूकंप, इकौना की गायत्री एचपी गैस एजेंसी में औद्योगिक-रासायनिक आपदा और जमुनहा में अग्निसुरक्षा की मॉकड्रिल हुई। सभी तहसीलों में संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई।
भिनगा में सुबह 10 बजे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि भूकंप के कारण कस्तूरबा विद्यालय का एक भवन गिर गया है और उसमें कुछ बच्चे फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम करीब 12 मिनट में मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। एसएसबी के प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की मदद से मलबे में फंसे छात्रों का पता लगाया गया। इसके बाद एसडीआरएफ ने दीवार काटकर अंदर प्रवेश किया और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि दो गंभीर छात्रों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।
इसके बाद सुबह 11:15 बजे जमुनहा तहसील में अग्निकांड की सूचना दी गई। करीब 11:30 बजे अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभ्यास किया। वहीं, इकौना तहसील में गैस सिलेंडर से लदी गाड़ी पलटने और गैस रिसाव की स्थिति में बचाव कार्य की मॉकड्रिल कराई गई। इन अभ्यासों के जरिए आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय, राहत-बचाव और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखा गया।
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि जिले में बाढ़ के बाद अग्निकांड और भूकंप जैसी आपदाओं का भी खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मॉकड्रिल के माध्यम से तैयारियों का परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, एसएसबी और अग्निशमन विभाग के सहयोग से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयोजन में अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा हुआ। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में हर तीन महीने पर मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि आपदा की स्थिति में टीमें लगातार तैयार रहें।





















