लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की करोड़ों रुपये की जमीन कथित तौर पर हड़पने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बिक्री कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में रायबरेली रोड स्थित सैनिक नगर निवासी रितेश साहनी ने डीसीपी दक्षिणी से शिकायत की थी। आरोपों के आधार पर डीसीपी के आदेश पर बिजनौर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रितेश साहनी के मुताबिक उनके पिता सुभाष साहनी कैंसर से पीड़ित थे और अवसाद के चलते उनका इलाज मेदांता अस्पताल के मनोचिकित्सक की देखरेख में चल रहा था। आरोप है कि पिता की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर उनके पुराने परिचित ओमप्रकाश शर्मा निवासी सेनानी विहार और परिवार के अधिवक्ता वीरेंद्र नाथ मिश्रा ने संपत्ति हड़पने की साजिश रची। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी मां को भरोसे में लेकर कुछ संपत्ति अपने नाम कराने के लिए तैयार किया गया।
शिकायत के अनुसार 20 दिसंबर 2024 को बिजनौर स्थित उपनिबंधक कार्यालय, सरोजनीनगर में हैवतमऊ-मवैया स्थित भूखंड संख्या 37 और खसरा संख्या 143 से संबंधित कथित कूटरचित चेक व दस्तावेजों के आधार पर विक्रय पत्र पंजीकृत कराया गया। इसके बाद आरोप है कि सुभाष साहनी को अचेत अवस्था में उपनिबंधक कार्यालय ले जाकर ग्राम खरिका स्थित खसरा संख्या 316 की करीब 5005 वर्गफीट भूमि से संबंधित विक्रय पत्र भी तैयार कराया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस दस्तावेज का पंजीकरण पहले स्थगित रहा, लेकिन सुभाष साहनी की 25 नवंबर 2025 को मृत्यु के बाद 9 अप्रैल 2026 को इसे विक्रय पत्र संख्या 6246/2026 के रूप में पंजीकृत करा लिया गया।
रितेश ने इस मामले में अनिल कुमार, शशांक कुमार शर्मा और विकास समेत अन्य लोगों पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संपत्ति पर कब्जे का विरोध करने पर आरोपियों की ओर से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है और कूटरचित दस्तावेज, संपत्ति के कागजात, पंजीकरण प्रक्रिया तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




















