देवरिया की भुजौली कॉलोनी स्थित भारत वर्ष साहित्य सेवा संस्थान के कार्यालय में मां सरस्वती की साधना को समर्पित काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘रुहानी खुशबू’ गजल संग्रह के विमोचन समारोह के बाद हुए इस दूसरे साहित्यिक कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ साहित्यकारों और कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से माहौल को साहित्यिक रंग से भर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. दिवाकर प्रसाद तिवारी ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ कवि सौदागर सिंह ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। संस्थान की संस्थापक एवं गजलकार अंजलि अरोड़ा ‘खुशबू’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि कवयित्री प्रार्थना राय ने स्वागत गीत से अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें डॉ. शकुंतला दीक्षित, दुर्गा पांडेय, पार्वती गौरा, सीमा नयन, रानी दुर्गावती, कीर्ति त्रिपाठी, प्रार्थना राय, क्षमा श्रीवास्तव और प्रीति पांडेय ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
काव्य गोष्ठी में कवि सरोज कुमार पांडेय, इंद्र कुमार दीक्षित, दयाशंकर कुशवाहा, आशुतोष त्रिपाठी, प्रवीण मणि त्रिपाठी, सौदागर सिंह, भारत भूषण अरोड़ा ‘जज्बाती’ और साहित्य सेवा से जुड़े व्यवसायी कवि संजय कानोड़िया ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। रचनाओं के दौरान श्रोताओं ने कवियों का उत्साह बढ़ाया और पूरा माहौल साहित्य, संवेदना और अभिव्यक्ति से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में भाजपा नेता एवं जिला संयोजक तथा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम शुक्ला, दिव्या शुक्ला, सुयश शुक्ला और संस्थान के संयोजक आकाश अरोड़ा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर साहित्य के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। संस्थान की ओर से सभी कवि-कवयित्रियों को पौधे भेंट किए गए और ‘एक पौधा मां के नाम’ लगाने का संकल्प दिलाया गया। इस दौरान कुछ गणमान्य सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। साहित्य, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों को साथ लेकर आयोजित इस काव्य गोष्ठी का समापन सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।





















