23 अक्तूबर को मतदान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को समाप्त हो गई। अंतिम दिन 51 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इससे पहले 137 प्रत्याशी पर्चा भर चुके थे। इस तरह कुल 188 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, इन सभी सीटों पर 23 अक्तूबर को मतदान कराया जाएगा। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि नौ अक्तूबर तक प्रत्याशी अपने नाम वापस ले सकेंगे।
चुनाव के लिए पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मेरठ, आगरा, वाराणसी, लखनऊ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मेरठ, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं।
वाराणसी खंड स्नातक में सबसे ज्यादा नामांकन
सबसे ज्यादा 27 प्रत्याशियों ने वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन किया है। लखनऊ खंड स्नातक सीट से 22 और आगरा खंड स्नातक सीट से 20 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा है।
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 19-19 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक सीट से 17, आगरा खंड शिक्षक सीट से 15, लखनऊ खंड शिक्षक और वाराणसी खंड शिक्षक सीट से 14-14, मेरठ खंड शिक्षक सीट से 11 और मेरठ खंड स्नातक सीट से 10 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।
मतदान के लिए पहचान पत्र जरूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान के लिए मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिन मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किया गया है, उन्हें मतदान के समय अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।
हालांकि, यदि कोई मतदाता किसी कारण से मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसे मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे मतदाताओं के लिए वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान पत्रों को मान्यता दी गई है।
इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, केंद्र या राज्य सरकार तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र शामिल हैं। सांसदों, विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र भी मान्य होंगे।
संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जिस शैक्षणिक संस्था में निर्वाचक कार्यरत है, उस संस्था की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड भी मान्य पहचान दस्तावेजों में शामिल हैं।
अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। 23 अक्तूबर को इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान कराया जाएगा।





















