लखनऊ। सरोजनीनगर थाना क्षेत्र की विष्णु लोक कॉलोनी में मंगलवार रात 18 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला। युवती किराए के कमरे में एक युवक के साथ रहकर एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर शव नीचे उतरवाया और जांच के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, वाराणसी निवासी स्वर्गीय धीरज सिंह की बेटी शांभवी सिंह उर्फ सुभी सिंह ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। करीब दो महीने पहले वह वाराणसी निवासी ऋषभ के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लखनऊ आई थी। दोनों विष्णु लोक कॉलोनी में किराए के कमरे में रह रहे थे। उनके बगल के कमरे में वाराणसी का ही हर्ष रहता है। मंगलवार को पूरे दिन शांभवी दिखाई नहीं दी तो रात करीब आठ बजे हर्ष उसके कमरे के पास पहुंचा और कई बार आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद हर्ष ने ऋषभ को फोन किया तो पता चला कि वह रविवार को ही नोएडा चला गया था। बातचीत के दौरान ऋषभ ने पहले शांभवी के सोने की बात कही, फिर हर्ष से वीडियो बनाते हुए दरवाजा तोड़कर अंदर जाने को कहा। हर्ष ने दरवाजा तोड़कर देखा तो शांभवी कमरे में पंखे के हुक से दुपट्टे के सहारे लटकी मिली। उसने रात करीब सवा नौ बजे पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और परिजनों को जानकारी दी। बुधवार देर शाम परिवार के लखनऊ पहुंचने के बाद गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतका के परिजनों ने ऋषभ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह पढ़ाई कराने की बात कहकर शांभवी को लखनऊ लाया था। परिजनों के मुताबिक, करीब दस दिन पहले शांभवी ने फोन पर प्रताड़ित किए जाने की बात भी बताई थी। शांभवी के पिता की काफी पहले मौत हो चुकी थी। परिवार में उसकी मां के अलावा एक छोटा भाई और छोटी बहन हैं। वहीं, सरोजनीनगर पुलिस का कहना है कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।





















