मिहींपुरवा, बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के बड़खड़िया बीट अंतर्गत आनंदनगर गांव के पास लगाए गए पिंजरे में बीती रात करीब 10:40 बजे एक नर तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाई को अहम सफलता मिली है। इसी गांव के नजदीक गत 7 सितंबर को तेंदुए के हमले में बालक राजवीर की दुखद मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही थीं और गांव के पास पिंजरा लगाया गया था।
वन विभाग के अनुसार, पिंजरे में कैद तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। प्रारंभिक जांच में उसकी उम्र करीब छह वर्ष बताई गई है। पशु चिकित्सक ने तेंदुए का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण भी कर लिया है। फिलहाल उसे सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है और उच्चाधिकारियों के निर्देशों तथा निर्धारित मानकों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद विभाग की टीम क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
घटना के मद्देनजर वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर सुबह और शाम के समय अकेले खेतों या सुनसान रास्तों पर जाने से बचने तथा जरूरत पड़ने पर समूह में निकलने की सलाह दी गई है। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें, बच्चों को अकेले न छोड़ें और मवेशियों को सुरक्षित बाड़े में रखें। घरों तथा पशुशालाओं के आसपास उगी झाड़ियों की नियमित सफाई करने से भी वन्यजीवों के छिपने की आशंका कम की जा सकती है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेंदुआ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उसे घेरने, पत्थर मारने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल वन कर्मियों या संबंधित रेंज कार्यालय को सूचना देनी चाहिए। विभाग की टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और तेंदुआ-मानव संघर्ष की आशंका को कम किया जा सके।





















