अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और हस्तांतरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे हो चुके हैं। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने इन कार्यों को जरूरी अभिलेखों के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है। हालांकि, परकोटे का हस्तांतरण अभी बाकी है। इसके निर्माण और अन्य अधूरे कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, परकोटे की छत पर वॉटर ट्रीटमेंट से जुड़ा काम अधूरा होने के कारण इसे अभी ट्रस्ट को नहीं सौंपा जा सका है। परकोटे का निर्माण 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण निर्माण कार्यों की गति प्रभावित हुई है। इसके साथ ही राम मंदिर और परकोटे की फसाड लाइटिंग भी 15 नवंबर तक पूरी करने की योजना है, ताकि दीपावली के दौरान मंदिर परिसर में भव्य रोशनी की व्यवस्था की जा सके।
बैठक में निर्माण कार्यों के साथ ठेकेदारों के भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। एलएंडटी से संबंधित लंबित भुगतान के मामलों को निपटाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर के बाहर निर्माणाधीन ऑडिटोरियम और म्यूजियम के कामकाज की प्रगति भी समीक्षा के एजेंडे में शामिल है। निर्माण समिति संबंधित कार्यों की स्थिति और उन्हें पूरा करने में आ रही चुनौतियों का आकलन कर रही है।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि स्मारक परिसर में उद्यान और हॉर्टिकल्चर से जुड़े कुछ काम अभी जारी हैं। वहीं, मध्वाचार्य द्वार का निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। निर्माण कार्यों में आ रही कठिनाइयों को समझने और उनकी गति का जायजा लेने के लिए मौके पर निरीक्षण की बात भी कही गई। अब सभी की नजर 15 नवंबर की समयसीमा पर है, जब परकोटे और फसाड लाइटिंग से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करने की तैयारी है।





















