सब हेडिंग: डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाने के लिए किया प्रेरित, प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल है श्रावस्ती
श्रावस्ती में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को इकौना स्थित होटल ट्यूलिप इन में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका शुभारंभ जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक सुलभ, सरल, सुरक्षित और प्रभावी बनाना तथा आम लोगों को आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना रहा।
कार्यशाला में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक डॉ. रीना वर्मा और सौम्य श्रीवास्तव ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के उद्देश्यों, उपयोगिता और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आभा आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद ने कहा कि नई तकनीक को अपनाने से शुरुआती दौर में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां हो सकती हैं, लेकिन समय के साथ कामकाज आसान और प्रभावी बनता है। डिजिटल व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और प्रबंधन में भी सुविधा मिलेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि श्रावस्ती में अब तक 69 प्रतिशत आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। उनके अनुसार, इस उपलब्धि के साथ जनपद प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल है और यहां आभा आईडी निर्माण का प्रतिशत राज्य के औसत से बेहतर है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक नागरिकों को इस व्यवस्था से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है। कार्यशाला में आभा, स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (एचएफआर) और स्वास्थ्य पेशेवर रजिस्ट्री (एचपीआर) के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि आभा आईडी 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है। इसके माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में व्यवस्थित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग कर सकते हैं। डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड से पुरानी जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय दस्तावेज उपलब्ध रखने में सुविधा मिल सकती है। कार्यशाला में स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुरक्षा और गोपनीयता, डिजिटल पंजीकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके वर्मा, डॉ. उदयनाथ, डॉ. ठाकुर दास, विभिन्न ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल ऑफिसर, निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि और आयुष्मान टीम के सदस्य मौजूद रहे।





















