दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। दोस्तपुर ब्लॉक के बेरामारुफपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए जा रहे तालाब खुदाई कार्य को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से तालाब पूरी तरह पानी से भर चुका है, इसके बावजूद अभिलेखों में खुदाई का कार्य जारी दिखाया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात से हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के अधिकांश तालाब लबालब भर गए हैं। ऐसे में बेरामारुफपुर स्थित गुलरा तालाब में मनरेगा के तहत खुदाई कार्य का वास्तविक रूप से होना संभव नहीं है। आरोप है कि इसके बावजूद विभागीय अभिलेखों में तालाब की खुदाई के लिए 100 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तालाब पूरी तरह जलमग्न है, तब मजदूरों के काम करने का सवाल ही नहीं उठता। उनका आरोप है कि मौके पर कोई कार्य नहीं हो रहा, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में फर्जी हाजिरी दर्ज कर मनरेगा की धनराशि का भुगतान किए जाने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिलाधिकारी सुल्तानपुर से अनुरोध किया है कि विकास खंड अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों की टीम मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करे। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी, रोजगार सेवक और संबंधित कनिष्ठ अभियंता (जेई) की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने पिछले 24 घंटे की मस्टर रोल (हाजिरी रजिस्टर) को सुरक्षित कर उसका भौतिक सत्यापन कराने की भी मांग की है







