कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमलों का दावा
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास संघर्ष तेज होने के बीच भारत ने एहतियाती कदम उठाते हुए अगले आदेश तक इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती रोकने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने का दावा किया है।
भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक
भारत के महानिदेशालय नौवहन (Directorate General of Shipping) ने जहाज मालिकों, शिप मैनेजमेंट कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय सीफेयरर्स की तैनाती न की जाए।
यह फैसला हाल के हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत और क्षेत्र में लगातार बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए लिया गया है। सरकार ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कुवैत और बहरीन में हमलों का दावा
IRGC ने दावा किया है कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और अश-शुआयबा स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। संगठन का कहना है कि हमले में संचार केंद्र, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
इसके अलावा बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों, रडार सिस्टम और ईंधन पंपिंग स्टेशन पर हमले का दावा किया गया है।
जॉर्डन के एयरबेस पर भी हमला
IRGC ने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर खैबर-शिकन बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। हालांकि, जॉर्डन की सेना का कहना है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई आठ मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
ईरान का बयान: ‘होर्मुज हमारा है’
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का अधिकार है और दुनिया की कोई भी ताकत उससे यह अधिकार नहीं छीन सकती। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियां समाप्त होने तक तनाव कम होने की संभावना नहीं है।
तेल बाजार में उतार-चढ़ाव
लगातार सैन्य घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में पहले तेजी आई, लेकिन बाद में निवेशकों द्वारा हालात का आकलन करने के चलते कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड लगभग 0.52% गिरकर 84.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।






