जिला पंचायत अध्यक्ष ने दिखाई जागरूकता रैली को हरी झंडी
एसपी सिंह ब्यूरो चीफ
अमेठी। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ बुधवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय, गौरीगंज परिसर से किया गया। अभियान के तहत 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक दस्तक अभियान संचालित किया जाएगा।
अभियान का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार अग्रहरि ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पूजा शाहू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, नोडल अधिकारी वीबीडी डॉ. प्रदीप तिवारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.के. उपाध्याय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सौरभ, जिला मलेरिया अधिकारी लाल साहेब सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका परिषद गौरीगंज, पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए उपयोग में लाई जाने वाली फॉगिंग मशीन और एंटी लार्वा मशीन का प्रदर्शन भी किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य संचारी रोगों की रोकथाम, जनजागरूकता बढ़ाना और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग सहित 11 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार एवं आईएलआई (इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी) के मरीजों की पहचान करेंगी, संभावित क्षय रोग (टीबी) रोगियों की सूची तैयार करेंगी, मच्छरों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी तथा वेक्टर सर्वेक्षण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों के विनष्टीकरण का कार्य करेंगी।
अभियान के दौरान 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाएंगे तथा दिव्यांगजनों की सूची तैयार कर संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। आशा कार्यकर्ता बुखार से पीड़ित लोगों को जांच और उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेंगी।
नगर पालिका और नगर पंचायतें शहरी क्षेत्रों में नालियों की सफाई, लार्वानाशी दवाओं का छिड़काव, फॉगिंग और कूड़े के समुचित निस्तारण का कार्य करेंगी। वहीं कृषि विभाग जलभराव की समस्या दूर करने, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग स्वच्छता, पेयजल, नालियों की सफाई और हैंडपंपों की मरम्मत सुनिश्चित करेगा।
इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक पोषाहार उपलब्ध कराएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्रों में उपचार की व्यवस्था करेगा।
अधिकारियों ने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता बनाए रखें, जलभराव न होने दें तथा संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के अभियान में सक्रिय सहयोग करें।








