Nvidia को पछाड़ फिर हासिल किया नंबर-1 का ताज
नई दिल्ली। टेक दिग्गज Apple ने एक बार फिर दुनिया की सबसे वैल्यूबल (सबसे मूल्यवान) कंपनी बनने का खिताब हासिल कर लिया है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में कंपनी ने Nvidia को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर वापसी की है। अप्रैल 2025 के बाद यह पहला अवसर है जब Apple फिर से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव इस बात का संकेत है कि निवेशकों का ध्यान अब केवल AI चिप्स बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और सर्विस इकोसिस्टम वाली कंपनियों पर भी बढ़ रहा है।
Apple ने कैसे छोड़ा Nvidia को पीछे?
रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को Apple का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.88 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वहीं Nvidia के शेयरों में करीब 3.5% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे उसका मार्केट कैप घटकर करीब 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया। इसके साथ ही Apple ने फिर से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल कर लिया।
AI बूम के अगले दौर में बदली निवेशकों की सोच
पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज़ी ने Nvidia को जबरदस्त बढ़त दिलाई थी। AI मॉडल और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले GPU की बढ़ती मांग के कारण कंपनी लंबे समय तक दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही।
हालांकि अब निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि AI के अगले चरण में किस कंपनी का बिजनेस मॉडल अधिक टिकाऊ और लाभदायक साबित होगा। इसी वजह से Apple के शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
Apple की बढ़त की वजह
Apple का बिजनेस मॉडल Nvidia से अलग है। कंपनी की आय मुख्य रूप से iPhone, Mac, iPad, Apple Watch और Services Ecosystem से आती है। हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाओं का एकीकृत इकोसिस्टम Apple की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।
हाल ही में कंपनी ने अपने नए AI-पावर्ड Siri की भी घोषणा की है। Apple का मानना है कि उन्नत AI सुविधाओं से लैस Siri भविष्य में कंपनी को AI आधारित सेवाओं की दौड़ में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
Apple बनाम Nvidia: मार्केट कैप
| कंपनी | अनुमानित मार्केट कैप |
|---|---|
| Apple | 4.88 ट्रिलियन डॉलर |
| Nvidia | 4.86 ट्रिलियन डॉलर |






















