डूबने, सर्पदंश और वज्रपात से बचाव के बताए जा रहे उपाय
जिलाधिकारी के निर्देश पर जागरूकता रथ गांव-गांव पहुंच रहे, बाढ़ के दौरान होने वाले हादसों से बचाव के लिए लोगों को किया जा रहा सतर्क।
गोरखपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर गोरखपुर जनपद के बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील गांवों में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि रोकने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत विशेष प्रचार वाहनों (जागरूकता रथ) के माध्यम से ग्रामीणों को डूबने, सर्पदंश, वज्रपात और नाव दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों को समय रहते सतर्क करना है। प्रचार वाहन गांव-गांव पहुंचकर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं तथा पंपलेट भी वितरित किए जा रहे हैं।
डूबने से बचाव के लिए अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चों और मवेशियों को जलभराव वाले क्षेत्रों एवं तेज बहाव वाले पानी से दूर रखें। उफनाई नदियों, नालों और जलमग्न रास्तों को पार करने का प्रयास न करें।
सर्पदंश से बचने के उपाय
बाढ़ के दौरान सांप सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों में आ सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को रात के समय टॉर्च का उपयोग करने, घरों और आसपास साफ-सफाई रखने तथा सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल जाकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी जा रही है।
वज्रपात से बचाव के निर्देश
गरज-चमक और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न रुकने, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने तथा सुरक्षित पक्के भवनों में रहने की सलाह दी गई है।
नाव संचालन को लेकर भी सतर्कता
प्रशासन ने लोगों से केवल पंजीकृत एवं निर्धारित क्षमता वाली नावों का ही उपयोग करने और ओवरलोडिंग से बचने की अपील की है, ताकि नाव दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
आपदा प्रबंधन टीम और प्रशासनिक अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या आपदा कंट्रोल रूम को सूचना देने की अपील की गई है।







