अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान मकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर विवाद बढ़ गया है। कार्रवाई की जद में आए प्रभावित परिवारों ने अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां रखीं। परिवारों ने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान निर्धारित मानकों का समान रूप से पालन नहीं किया गया और कार्रवाई में एक तरफ के मकानों को अधिक निशाना बनाया गया। हालिया रिपोर्टों में भी जनौरा नाका क्षेत्र में परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए भवनों पर प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि हुई है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि चौड़ीकरण के लिए सड़क के मध्य बिंदु से दोनों ओर समान रूप से भूमि लिया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हुई। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने भी जिलाधिकारी के सामने यह मामला उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अधिकारियों की ओर से निर्धारित मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायक ने प्रभावित परिवारों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ आगे की कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इससे पहले प्रशासन की ओर से कहा गया है कि चौड़ीकरण की जद में आने वाले भवन स्वामियों को नोटिस दिए गए थे और मुआवजे की प्रक्रिया भी की गई है। कुछ प्रभावित परिवारों के न्यायालय जाने के बाद प्रशासन ने हाईकोर्ट के निर्देशों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी चौड़ीकरण के मानकों, भूमि लिए जाने की प्रक्रिया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जांच करेगी। प्रभावित परिवारों के साथ भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अब कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होने की उम्मीद है।亚洲视频




















