अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर जनौरा नाका क्षेत्र में विवाद बढ़ गया है। रविवार को प्रशासन ने मार्ग की जद में आ रहे कई भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों की ओर से कार्रवाई को लेकर विरोध जताया गया। वहीं, भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर सवाल उठाया कि यदि सड़क के दोनों तरफ से चौड़ीकरण के लिए मध्य बिंदु तय किया गया था, तो कार्रवाई एक तरफ के मकानों पर ही क्यों की गई।
प्रशासन का कहना है कि चौड़ीकरण की जद में आने वाले भवन स्वामियों को पहले नोटिस दिए गए थे और मुआवजे की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। कुछ प्रभावित लोग मामले को लेकर हाईकोर्ट भी गए थे। प्रशासन के मुताबिक न्यायालय के निर्देशों के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू की गई। रविवार को जनौरा नाका के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के बीच भवनों को खाली कराकर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के बाद सोमवार को भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों से मिले और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसी बीच स्थानीय भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के जिलाधिकारी से मिलने की जानकारी भी सामने आई है। दोनों नेताओं ने प्रभावित लोगों के मामले में उचित समाधान की बात रखी। कमलेश श्रीवास्तव और वेद प्रकाश गुप्ता अयोध्या भाजपा संगठन में सक्रिय पदों पर हैं।
डीएम की ओर से प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय न होने और नियमानुसार मुआवजे के साथ उनके रहने की व्यवस्था पर विचार किए जाने का भरोसा दिए जाने की बात कही गई है। अयोध्या जिला प्रशासन की ओर से 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण और सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन से जुड़े दस्तावेज पहले भी जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में चौड़ीकरण, मुआवजे और प्रभावित परिवारों की आपत्तियों के बीच अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।




















