अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में चार छात्राओं से अनुचित व्यवहार के आरोप में एक प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, छात्राओं ने प्रोफेसर पर अनुचित तरीके से छूने, अपने केबिन में बुलाने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि शिकायत करने वाली छात्राएं विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स विभाग की हैं। मामले की जांच के लिए कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने तक संबंधित प्रोफेसर को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही उन्हें दूसरे विभाग से संबद्ध भी किया गया है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी आरएन पांडेय ने बताया कि अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रोफेसर विनोद कुमार श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच समिति को सौंपी गई है, ताकि छात्राओं की शिकायतों और लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा सके। समिति संबंधित तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच पूरी होने तक आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।





















