चंदौली में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण प्राप्त कर कारोबार शुरू करने वाले युवाओं की इकाइयों का बुधवार को औचक निरीक्षण किया गया। कानपुर मुख्यालय से आए अपर आयुक्त उद्योग हरीश प्रताप सिंह ने विभिन्न इकाइयों का स्थलीय सत्यापन कर उनके संचालन की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन और ऋण के सदुपयोग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त ने ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग यूनिट, मिठाई निर्माण इकाई और आरओ प्लांट का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने इकाइयों के संचालन, उत्पादन की गुणवत्ता और ऋण राशि के इस्तेमाल की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही युवा उद्यमियों से बातचीत कर उनके कामकाज की प्रगति और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता का उपयोग निर्धारित व्यावसायिक गतिविधियों में हो रहा है।
1700 इकाइयों का लक्ष्य, 1510 आवेदन बैंकों को भेजे गए
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। चंदौली जिले में इस योजना के तहत 1700 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 1510 आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं, जबकि 580 आवेदनों पर बैंकों के माध्यम से ऋण वितरित किया जा चुका है। ये आंकड़े जिले में योजना की प्रगति को दर्शाते हैं।
अपर आयुक्त उद्योग हरीश प्रताप सिंह ने इकाइयों के सत्यापन के साथ योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र युवाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने और ऋण राशि के उचित उपयोग पर निगरानी रखी जाए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश, सहायक आयुक्त उद्योग ध्रुव सिंह और मुख्यमंत्री युवा फेलो की पूरी टीम मौजूद रही।





















