अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में प्रस्तावित सिक्स लेन हाईवे के निर्माण की दिशा में प्रशासन ने शुरुआती कदम बढ़ा दिया है। अयोध्या से सुल्तानपुर होते हुए प्रतापगढ़ और प्रयागराज तक प्रस्तावित हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे/कॉरिडोर के लिए भूमि अर्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही प्रस्तावित भूमि के क्रय-विक्रय, इकरारनामा, दान पत्र, श्रेणी परिवर्तन और सरकारी भूमि के आवंटन पर रोक लगा दी गई है।
अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) कौशल किशोर को भूमि अर्जन अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित भूमि की प्रकृति में अब किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। भूमि अर्जन के लिए थ्री (ए) का प्रकाशन कर संबंधित भूमि मालिकों से आपत्तियां मांगी गई हैं। यह भूमि अधिग्रहण की शुरुआती प्रक्रिया है, जिसमें उन किसानों और भूमि मालिकों की जानकारी शामिल होती है जिनकी जमीन परियोजना के लिए प्रस्तावित है।
यह सिक्स लेन मार्ग अयोध्या जिले की सदर, सोहावल और बीकापुर तहसील की कुल 38 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरने का प्रस्ताव है। परियोजना के लिए करीब 268 हेक्टेयर भूमि अर्जित की जानी है। एनएचएआई इस परियोजना की कार्यदायी संस्था है और परियोजना अधिकारी अवनीश सिद्धार्थ के मुताबिक हाईवे के लिए करीब 90 मीटर चौड़ाई में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। प्रस्तावित मार्ग को अयोध्या के रिंग रोड से जोड़ने की योजना है, जो आगे प्रयागराज हाईवे से कनेक्ट होगा।
प्रस्तावित मार्ग के अयोध्या हिस्से में नरायनपुर, अकवारा, सुक्खापुर, इटौरा, बिरौली और भदोखर समेत कई गांव शामिल हैं। भदोखर के पास इसे रिंग रोड से जोड़ने की योजना है, जबकि बीकापुर तहसील में चौरेबाजार के पास प्रयागराज हाईवे से कनेक्शन प्रस्तावित है। हालांकि अयोध्या में इसका जीरो प्वाइंट और प्रयागराज हाईवे से अंतिम कनेक्टिविटी को लेकर भारत सरकार के स्तर पर फैसला अभी लंबित है। परियोजना पूरी होने के बाद अयोध्या से प्रयागराज की ओर आवागमन को नई कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।





















