चंदौली। जिले में खाद की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने गुरुवार को अभियान चलाया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर गठित संयुक्त टीमों ने जिले की 24 उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद के 12 नमूने लिए गए, जबकि अनियमितताओं के संबंध में दो प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण अभियान के तहत उप कृषि निदेशक ने चकिया और नौगढ़ तहसील में उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच की। जिला कृषि अधिकारी ने सकलडीहा तहसील और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए डॉ. पूजा त्रिपाठी ने सदर एवं नियामताबाद तहसील में दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मेसर्स राधे कृष्ण खाद बीज भंडार, मिश्रपुरा और मेसर्स एग्री क्लीनिक एवं एग्री बिजनेस सेंटर, ताराजीवनपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं को अपने लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक और वितरण रजिस्टर अद्यतन रखने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद बेची जाए। कृषि विभाग ने चेतावनी दी कि उर्वरक बिक्री में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसान खाद खरीदते समय साथ ले जाएं फार्मर आईडी
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल के अनुसार संस्तुत मात्रा में ही उर्वरक खरीदें और खाद लेते समय बिक्री केंद्र पर फार्मर आईडी अवश्य ले जाएं। अपरिहार्य स्थिति में फार्मर आईडी उपलब्ध नहीं होने पर प्रमाणित खतौनी के आधार पर भी उर्वरक लिया जा सकता है। जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे इसे जल्द बनवा लें।
विभाग के अनुसार, उर्वरक की बिक्री में गड़बड़ी के संबंध में साक्ष्य सहित शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों से निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या अन्य अनियमितता की स्थिति में शिकायत करने की अपील की है।





















