पुल्ली गिरने से टेक्निशियन की मौत; कर्मचारियों का 6 घंटे तक धरना
जर्जर उपकरणों को हादसे का कारण बताते हुए रेल कर्मियों ने उठाए सवाल, जांच समिति गठित; एक सप्ताह में देयों के भुगतान का आश्वासन
पीडीडीयू नगर (चंदौली)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के टीआरएस शेड में शनिवार सुबह क्रेन का केबल टूटने से पुल्ली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से टेक्निशियन प्रथम प्रमोद कुमार यादव (52) की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित रेल कर्मचारियों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए काम बंद कर करीब छह घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
अलीनगर थाना क्षेत्र के जंसो की मड़ई निवासी प्रमोद कुमार यादव टीआरएस शेड के ई-3 सेक्शन में टेक्निशियन प्रथम के पद पर कार्यरत थे। शनिवार सुबह करीब 9:35 बजे वह क्रेन के पास कार्य कर रहे थे। इसी दौरान क्रेन का केबल टूट गया और उसकी पुल्ली उनके सिर पर आ गिरी। गंभीर रूप से घायल प्रमोद को सहकर्मी तत्काल वाराणसी के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विभागीय लापरवाही का आरोप, काम बंद कर धरने पर बैठे कर्मचारी
हादसे के बाद टीआरएस शेड के कर्मचारियों ने कार्य बंद कर धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि शेड में नियमित क्रेन चालक नहीं है और टेक्निशियनों से ही क्रेन संचालन का कार्य कराया जा रहा है। कर्मचारियों का यह भी कहना था कि क्रेन का केबल लंबे समय से जर्जर था और उसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई थी, लेकिन समय रहते उसे नहीं बदला गया।
करीब छह घंटे तक चले धरने के बाद रेलवे अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मृतक के परिजनों को सभी देयों का शीघ्र भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब चार बजे धरना समाप्त हुआ।
उच्च स्तरीय जांच समिति गठित
मंडल जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के निर्देश पर मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान रेलवे के अधिकारी लगातार परिजनों के संपर्क में रहे और तत्काल अंत्येष्टि सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई।
रेलवे प्रशासन ने डीसीआरजी, अवकाश नकदीकरण, समूह बीमा, स्टाफ बेनिफिट फंड और पारिवारिक पेंशन सहित सभी देयों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
ईसीआरएमसी ने की सुरक्षा ऑडिट की मांग
ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस (ईसीआरएमसी) ने घटना की उच्च स्तरीय जांच और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है। संगठन के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री दिनेश तिवारी ने कहा कि यह दुर्घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने मशीनों के नियमित रखरखाव, सुरक्षा ऑडिट और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।







